CORONAVIRUS वैक्सीन का पहला ट्रायल हुआ सफल, खतरनाक वायरस को किया बेअसर

CORONAVIRUS यानी COVID 19 महामारी से पूरी दुनिया जुझ रही है लगभग तमाम बड़े देशों के वैज्ञानिक इस महामारी की दवा खोजने के लिए

Update: 2021-02-16 06:18 GMT

CORONAVIRUS वैक्सीन का पहला ट्रायल हुआ सफल, खतरनाक वायरस को किया बेअसर

CORONAVIRUS यानी COVID-19 महामारी से पूरी दुनिया जुझ रही है। लगभग तमाम बड़े देशों के वैज्ञानिक इस महामारी की दवा खोजने के लिए दिन-रात लगे हुए हैं। कोरोना से मौत की खबरों के बीच एक अच्छी और उम्मीदभरी खबर निकली है। इस वायरस से मुकाबले के लिए तैयार की जा रही एक संभावित वैक्सीन अपने पहले परीक्षण सफल पाई गई है। यह वैक्सीन इतनी मात्रा में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की उत्पत्ति करने में खरी पाई गई, जिससे इस खतरनाक वायरस को बेअसर किया जा सकता है।

CORONAVIRUS वैक्सीन दी गई

ई बायोमेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार वैक्सीन का परीक्षण के चूहे पर किया गया। परीक्षण में चूहे को जब पिट्सबर्ग CORONAVIRUS वैक्सीन दी गई तो दो हफ्ते के भीतर चूहे के शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी की उत्पत्ति शुरू हो गई।

वैक्सीन एनिमल टेस्ट में सफल पाई गई

अमेरिका की पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता एंड्रिया गैम्बोटो ने कहा- हम स्पष्ट रुप से जानते हैं कि इस नए वायरस से कहां मुकाबला करना है। उनका दावा है कि यह वैक्सीन एनिमल टेस्ट में सफल पाई गई है। परीक्षण के अगले चरण में यह वैक्सीन इंसानों पर आजमाई जाएगी। इंसानों पर ये परीक्षण अगले कुछ समय में शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि शोधकर्ता का कहना है कि यदि इंसानों पर यह वैक्सीन सफल पाई जाती है तो भी बाजार में वैक्सीन को आने में करीब एक साल से ज्यादा समय लग सकता है।

नई दवा में दिखी उम्मीद

इधर CORONAVIRUS महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच उसकी वैक्सीन विकसित करने की कवायद भी तेजी से चल रही है। वैज्ञानिकों को परीक्षण के दौर से गुजर रही एक नई दवा में CORONAVIRUS (कोविड 19) से मुकाबले की उम्मीद नजर आई है। यह दवा कोशिका के स्तर पर वायरस के संक्रमण को रोकने में प्रभावी पाई गई है। दावा किया जा रहा है कि इस दवा के विकास से कोरोना का उपचार संभव हो सकता है।

सार्स कोवी 2 के अहम पहलुओं पर नई रोशनी डालता है

सेल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक कोविड 19 की वजह बनने वाले सार्स कोवी 2 के अहम पहलुओं पर नई रोशनी डालता है। कोशिका स्तर पर वायरस की पारस्परिक क्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी मिलने के साथ ही अध्ययन से यह भी पता चलता है कि वायरस किस तरह रक्त वाहिनियों और किडनी को संक्रमित करता है। कनाडा की ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जोसेफ पेनिंगर ने कहा- हम इस महामारी के उपचार की दिशा में विकसित की जा रही नई दवा को लेकर आशावान हैं।

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