राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को बताया निकम्मा, नाकारा और धोखेबाज
नई दिल्ली. राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच लड़ाई तीखी होती जा रही है. अब इस लड़ाई की जुबानी जंग भी तीखी हो गई है. सोमवार को राजस्
नई दिल्ली. राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच लड़ाई तीखी होती जा रही है. अब इस लड़ाई की जुबानी जंग भी तीखी हो गई है. सोमवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर हमला बोला है.
उन्होंने कहा है कि सचिन पायलट ने छुरी घोंपने का काम किया है. मैं पहले से ही जानता था वो निकम्मा, नकारा और धोखेबाज है. उन्हें बहुत ही कम उम्र में बहुत कुछ हासिल हो गया था.
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गहलोत ने कहा कि हमने कभी भी सचिन पायलट से कभी कोई सवाल नहीं किया. सात सालों के अंदर देश में राजस्थान ही एक ऐसा राज्य था जहां कभी भी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग नहीं की गई. हम जानते थे कि वो निकम्मे थे, नाकारा थे लेकिन मैं यहां बैंगन बेचने नहीं आया हूं, मुख्यमंत्री बनकर आया हूं. हम नहीं चाहते हैं कि उनके खिलाफ कोई कुछ बोले, सभी ने उनको सम्मान दिया है.
#WATCH Sachin Pilot ne jis roop mein khel khela vo bahut durbhagyapurna hai. Kisiko yakeen nahi hota ki yeh vyakti aisa kar sakta hai...maasoom chehra, Hindi English par achchi command aur pure desh ki media ko impress kar rakha hai: Rajasthan CM pic.twitter.com/gv51qOe66n
— ANI (@ANI) July 20, 2020
मेरे करीबियों पर छापे पड़ेंगे, मुझे पता था
सीएम ने कहा कि उन्हें दो दिनों पहले से ही पता था कि हमारे करीबियों के यहां छापे पड़ेंगे. देश में मनमर्जियां चल रहीं हैं, जब चाहे जिसके चाहे छापे मार दिए जा रहें हैं.
गहलोत ने दावा किया है कि सचिन पायलट के लिए जो वकील लगाए गए हैं, उनकी फीस हाई फाई होती है. तो क्या उनकी फीस भाजपा भर रही है या फिर खुद सचिन पायलट? अगर नहीं तो पैसा कहाँ से आ रहा है?
भाजपा कर रही है फंडिंग - गहलोत
गहलोत यहीं नहीं रुकें, उन्होंने कहा कि ये जो खेल राजस्थान में शुरू हुआ है वो बहुत पहले ही शुरू हो गया था. 10 मार्च को मानेसर गाड़ी रवाना हुई थी, लेकिन तब हमने उस मामले को सभी के सामने लाए.
अशोक गहलोत ने कहा कि वो कांग्रेस का अध्यक्ष बनना चाहते थे, बड़े-बड़े कॉरपोरेट उनकी फंडिंग कर रहे हैं. बीजेपी की ओर से फंडिंग की जा रही है, लेकिन हमने सारी साजिश फेल कर दी.
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एक ओर जहाँ कांग्रेस नेतृत्व सचिन पायलट को वापस लाने की जहद्दोजहद में जुटा है, वहीं सीएम गहलोत लगातार सचिन के खिलाफ बयानबाजी कर रहें हैं. इसके पहले राहुल गाँधी ने भी सचिन को कांग्रेस के दरवाजे खुले होने की बात कही थी.
साथ ही यह भी कहा था कि अशोक गहलोत को सचिन के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. बहरहाल गहलोत के बयानबाजी में झलक रहे सचिन के खिलाफ विरोधाभास से एक बात तो साफ़ है कि सीएम खुद नहीं चाहते हैं कि सचिन वापस आएं.