Opposition Views On Union Budget: यूनियन बजट पर विपक्षी नेताओं ने क्या कहा?
What did the opposition leaders say on the Union Budget: किसी ने इसे गुजरात का बजट कहा तो किसी ने कहा ये तो अडानी-अंबानी का बजट है
Opposition Views On Union Budget: वित्त वर्ष 2023-24 के लिए देश का 75वां बजट जारी कर दिया गया. सोना-चांदी-प्लेटिनम की इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी गई तो हीरा, इलेक्ट्रिक व्हीकल, मोबाइल, बैटरी, खिलौने सस्ते कर दिए गए. बजट में आम आदमी को ध्यान में रखा गया और इनकम टैक्स स्लेब में बदलाव करते हुए इनकम टैक्स चुकाने की सीमा को 5 लाख से बढाकर 7 लाख कर दिया गया. कुलमिलाकर बजट संतुलित रहा, मगर फिर भी विपक्ष ने Union Budget 2023-24 में खामियां गिनानी शुरू कर दी
विपक्ष ने यूनियन बजट को बेकार और सरकार के करीबी व्यापारियों को लाभान्वित करने वाला करार दिया। किसी ने कहा ये बजट सिर्फ गुजरात के लिए है तो किसी ने कहा अडानी-अंबानी को और अमीर बनाने के लिए इसे पेश किया है. तो चलिए जानते हैं यूनियन बजट को लेकर विपक्षी नेता क्या राय रखते हैं
शशि थरूर ने बजट पर क्या कहा?
शशि थरूर ने कहा कि बजट में कुछ चीजें अच्छी थी लेकिन गरीब मजदूरों, बेरोजगारी पर कुछ नहीं कहा गया है. उन्होंने बजट को लेकर कहा,
"मैं इसे पूरी तरह नकारात्मक नहीं कहूंगा, लेकिन इसके बावजूद कई सवाल उठते हैं. बजट में मनरेगा का कोई जिक्र नहीं था. सरकार मजदूरों के लिए क्या करने जा रही है? बेरोजगारी, महंगाई की बात भी नहीं की गई. कुछ मौलिक सवाल हैं जिसके जवाब ही नहीं मिले.
RJD के मनोज झा ने कहा-
विधान से आंखें मूंद कर स्तुति गान बजट बनाते हैं तो कुछ हासिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि रोजगार को लेकर गोल-गोल बातें की गई. ये बजट खास लोगों का खास लोगों द्वारा खास तरह से बनाया गया बजट है.
मेहबूबा मुफ़्ती ने कहा-
कुछ क्रोनी पूंजीपतियों और बड़े उद्योगपतियों के लिए टैक्स इकट्ठा हो रहे हैं. टैक्स से लोगों को लाभ मिलना चाहिए लेकिन इससे उनकी कमर टूट रही है. जो लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे थे वे फिर से उसी स्तर पर आ गए.
मायावती ने कहा-
देश में पहले की तरह पिछले 9 सालों में भी केंद्र सरकार के बजट आते-जाते रहे, जिसमें घोषणाओं, वादों, दावों और उम्मीदों की बरसात की जाती रही. लेकिन वे सब बेमानी हो गए जब भारत का मिडिल क्लास महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी आदि की मार के कारण लोअर मिडिल क्लास बन गया, अति-दुखद."
तेजस्वी यादव ने कहा-
"2014 में केंद्र की भाजपा सरकार ने कहा कि 2022 में किसानों की आय दुगुनी करेंगे. 2022 में सबको आवास देंगे. 2022 तक 80 करोड़ लोगों को नौकरी-रोजगार देंगे. अब 2023 भी आ गया लेकिन इनकी जुमलेबाजी की आदत नहीं गई. BJP को 100 फीसदी सांसद देने वाले बिहार को भाजपाइयों ने बजट में फिर ठगा."
JDU के राजीव सिंह ललन ने कहा-
बजट में कुछ भी नहीं है. महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रण में कैसे लाया जाएगा, इसकी कोई चर्चा नहीं की गई.
कांग्रेस नेता सुरेश ने कहा-
बजट कॉरपोरेट के हित का है. इस बजट में अडानी (गौतम अडानी) के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है और आम लोगों को दरकिनार किया गया है. उन्होंने कहा कि ये बजट अडानी, अंबानी और गुजरात के लिए है.