पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों से मीटिंग, एमपी सीएम शिवराज कर सकते हैं ये मांग

एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी बैठक में शामिल होंगे. ऐसे में चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि सीएम आखिरी पीएम मोदी के सामने किन-किन मांगों को रख

Update: 2021-02-16 06:20 GMT

नई दिल्ली। कोरोना की स्थिति एवं आगे की रणनीति को लेकर आज प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए मीटिंग होनी है. सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एक बार अपने-अपने राज्य के लिए पीएम मोदी से कुछ ख़ास मांग सकते है. इस बीच एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान (Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) भी बैठक में शामिल होंगे. ऐसे में चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि सीएम आखिरी पीएम मोदी के सामने किन-किन मांगों को रखेंगे। सबसे बड़ा सवाल लॉकडाउन को लेकर है, क्योंकि मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

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कोरोना के मामले में भोपाल और इंदौर बेकाबू है। मरीजों की संख्या पूरे प्रदेश में 2100 के पार पहुंच गई है, जिसमें अकेले 1200 से ज्यादा मरीज इंदौर में हैं। वहीं, मौत का आंकड़ा भी 103 पहुंच गया है। ऐसी परिस्थिति में क्या लॉकडाउन में छूट मिलेगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसके संकेत शनिवार को ही कुछ हद तक दे दिया था। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई थी।

लॉकडाउन बढ़ाने की मांग कर सकते शिवराज

सूत्रों के अनुसार यह चर्चा है कि मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाने की मांग कर सकते हैं। स्थानीय अखबारों की रिपोर्ट के अनुसार शिवराज 8 से 14 दिन तक और लॉकडाउन बढ़ा सकते हैं। फिर शर्तों के साथ छूट देंगे।

बाकी जिलों में मिलेंगी छूट

मध्यप्रदेश के 52 में 26 जिले कोरोना से संक्रमित हैं, इनमें 6 कोरोना के हॉटस्पॉट है। अगर लॉकडाउन आगे बढ़ता है तो गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन के अनुसार कम संक्रमित वाले क्षेत्रों में छूट दी जा सकती है। वहीं, इंदौर और भोपाल के कलेक्टरों ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि इन जिलों में तो 3 मई तक कोई छूट की उम्मीद नहीं रखें।

प्रवासी मजदूरों का भी उठा सकते हैं मुद्दा

मध्यप्रदेश के हजारों मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं। सरकार ने कोटा से छात्रों को लाने के बाद मजदूरों को लाने की कवायद शुरू की है। इस कड़ी में अभी 13 हजार मजदूर दूसरे राज्यों से प्रदेश में लाए गए हैं। साथ ही प्रदेश के अंदर जिलों में फंसे मजदूरों को भीस्क्रीनिंग के बाद उन्हें घर भेजा रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मजदूरों की घर वापसी के लिए सीएम प्रधानमंत्री मोदी से बात कर सकते हैं।

फंड पर भी हो सकती है चर्चा

मध्यप्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार पहले ही खजाना खाली होने को लेकर रोती रही है। शिवराज ने भी कहा था कि खजाना खाली है। हालांकि कोरोना महामारी को देखते हुए पिछले दिनों केंद्र की सरकार ने सभी राज्यों के लिए सीएसआर फंड रिलीज की थी। हो सकता है कि शिवराज भी कोरोना से जंग के लिए पीएम से कोई अलग पैकेज की मांग करें।

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