Blind World Cup जीतने वाले क्रिकेट खिलाडियों का जीवन भी अंधकार में डूबा है

Blind World Cup Indian Players Name: भारत के लिए T20 Blind Cricket World Cup जीतने वाले क्रिकेट खिलाडियों में से 10 बेरोजगार हैं

Update: 2022-12-20 10:30 GMT

T20 Blind Cricket World Cup: भारत की नेत्रहीन क्रिकेट टीम (India's blind cricket team) ने हाल ही में लगातार तीसरी बार 'T20 World Cup for Blind' जीता है. देश के पीएम से लेकर एमपी के सीएम तक ने इन नेत्रहीन क्रिकेट प्लेयर्स को खूब बधाई दी. लेकिन इन खिलाडियों को जिस चीज़ की सबसे ज़्यादा जरूरत है वो कोई सरकार और नेता इन्हे नहीं दे पा रहे हैं. 

भारतीय नेत्रहीन क्रिकेटर्स बेरोजगार हैं 

जब Indian Blind Cricket Team ने तीसरी बार 'T20 World Cup for Blind' जीता तो इंडियन टीम के बड़े क्रिकेटर्स जैसे युवराज सिंह, विराट कोहली, एमएस धोनी से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान ने जीत का वीडियो शेयर करते हुए खूब बधाई दी. इन नेत्रहीन क्रिकेटर्स को बुला-बुलाकर सम्मानित किया गया मगर जब वो अपने घर लौटे तो अपना पुराना काम जैसे सब्जी बेचना, मजदूरी करना जैसे कामों में दोबारा से जुट गए. 

इंडियन ब्लाइंड क्रिकेट टीम के अधिकांश खिलाडियों का जीवन अंधकार में है. वो जानते हैं कि 'T20 World Cup for Blind' के जीतने का जश्न चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात जैसा है. वो जानते हैं कि उन्हें तीन बार 'T20 World Cup for Blind' जीनते के बाद भी चंद पैसों के लिए दिनभर पसीना बहाना है. 


क्योंकि ये जानते हैं कि इस चार दिन की चांदनी के बाद वे फिर से गुमनामी के अंधेरे में खो जाएंगे, जहां न उनके भविष्य का कोई ठिकाना होना और न उनके पास कोई रोजगार होगा. जी हां, ये बात विजेता टीम के कप्तान अजय कुमार रेड्डी ने कही है.

इंडियन ब्लाइंड क्रिकेट टीम के खिलाडियों को बधाई देने वाले नेता और स्टार प्लेयर्स को यह भी जानना चाहिए कि  वो जिन लोगों को बधाई दे रहे हैं उनका जीवन किस तरह का है. इन खिलाडियों को अपने परिवार का पेट पालना भी मुश्किल होता है. 

नेत्रहीन टीम के कप्तान अजय कुमार रेड्डी ने क्या कहा 

विश्व कप विजेता भारतीय नेत्रहीन टीम के कप्तान अजय कुमार रेड्डी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड से ब्लाइंड क्रिकेट का समर्थन करने का अनुरोध किया. उन्होंने ने कहा कि इससे खिलाड़ियों को वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा. उन्होंने ये भी बताया कि वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी 17 सदस्यीय टीम के 10 खिलाड़ी बेरोजगार हैं. इसमें से कई खिलाड़ियों के लिए वित्तीय सहायता की कमी के कारण 'खेल को आगे बढ़ाने में परेशानी' हो रही है. कई खिलाड़ी आजीविका के लिए किसी अन्य काम में 'व्यस्त' हैं. 

2017 में रेड्डी ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि क्रिकेट से हमारी कोई आय नहीं है. हम सामान्य खिलाड़ियों की तरह वेतन नहीं पाते. होता यूं है कि कभी-कभी खेल के लिए जरूरी चीजों में अपनी जेब से ही निवेश करना पड़ता है. मेरे बैट का खर्च और जूतों का खर्च मिलाकर ही 25 हजार रुपये बैठता है. इतनी मेरी तनख्वाह भी नहीं है. इसलिए घर खर्च में छह महीने तक कटौती करके इतने जुटा पाते हैं. विश्व कप जीतने पर मिली राशि से थोड़े हालात सुधरे, लेकिन स्थायी हल यह है कि खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और घर दिया जाए."

उन्होंने वर्ल्ड कप जीतने के बाद कहा- ''हमने लगातार तीसरी बार विश्व कप जीता है लेकिन हमारे पास कोई मुख्य प्रायोजक नहीं है. उन परिस्थितियों में क्रिकेट खेलना बहुत मुश्किल है जब हम जानते हैं कि हमारे पास आजीविका कमाने के लिए कोई काम नहीं है जिससे हम अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें.'' 


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