कोचिंग के लिए कोटा जाने वाले लाखो छात्रों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने बदले नियम

हर साल देश के लाखों छात्र अपना भविष्य संवारने राजस्थान के कोटा शहर जाते हैं। वहां की विख्यात कोचिंग संस्थाओं में एडमिशन लेते हैं और देश के सर्वश्रेष्ठ मेडिकल इंजीनियरिंग जैसी संस्थाओं में एडमिशन के लिए जद्दोजहद करते हैं।

Update: 2022-11-13 03:06 GMT

हर साल देश के लाखों छात्र अपना भविष्य संवारने राजस्थान के कोटा शहर जाते हैं। वहां की विख्यात कोचिंग संस्थाओं में एडमिशन लेते हैं और देश के सर्वश्रेष्ठ मेडिकल इंजीनियरिंग जैसी संस्थाओं में एडमिशन के लिए जद्दोजहद करते हैं। अगर आप भी अपने बच्चे को कोचिंग के लिए कोटा भेजना चाहते हैं तो कुछ आवश्यक जानकारी ले लें। क्योंकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोचिंग संस्थानों के लिए कुछ नई गाइडलाइन जारी की है। सीएम का कहना है कि राजस्थान में संचालित कोचिंग सेंटरों को हर हाल में नियमों का पालन करना होगा।

क्यों पड़ी आवश्यकता

कोटा में संचालित कोचिंग संस्थान छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करते है। बड़ी संख्या में छात्र आज भी इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे क्षेत्र में चयनित होकर सफलता प्राप्त करते हैं। कई ऐसे छात्र भी हैं जो असफल होने की स्थिति में आत्मघाती कदम उठाते हैं। इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए नई गाइडलाइन 2022 जारी की है।

निगरानी समिति का गठन

नई गाइडलाइन के अनुसार पढ़ रहे छात्रों को तनावमुक्त और सुरक्षित माहौल देने के लिए कोचिंग संस्थान जिम्मेवार होंगे। प्रदेश भर में संचालित कोचिंग संस्थानों की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। इसमें पुलिस प्रशासन के साथ ही अभिभावक और डॉक्टरों को शामिल किया जाएगा।

शिकायत के लिए ऑनलाइन पोर्टल

राजस्थान सरकार का प्रयास है कि छात्रों की हर शिकायत की निगरानी की जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री स्तर पर मनीटरिंग करने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें ध्यान दिया जाएगा कि कोचिंग संस्थान छात्राओं को बेहतर सुविधा दे रहे हैं या नहीं। इसके लिए छात्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

गाइडलाइन की कुछ अहम बातें

जिस परीक्षा के लिए छात्र तैयारी कर रहा है उसमें असफल होने के बाद दूसरे अन्य कैरियर के ऑप्शन के बारे में बताने और तैयार करने की जवाबदारी कोचिंग संस्थानों की होगी।

कोचिंग संस्थान छोड़ने की स्थिति में ईजी एग्जिट पालिसी और फीस रिफंड का प्रावधान किया जाएगा।

कोचिंग सेंटर में कार्यरत सभी कर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना सुनिश्चित किया जाएगा।

आवासीय कोचिंग संस्थान छात्रों को रखने तथा अन्य सभी मूवमेंट के लिए डाटा संधारित करने का प्रावधान गाइडलाइन में किया गया है।

कोचिंग संस्थान अपनी संस्था के लिए गलत प्रचार नहीं कर सकते।

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