एमपी के किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए 1 फरवरी से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

मध्यप्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 फरवरी से प्रारंभ हो जाएगी। किसान अपना रजिस्ट्रेशन 25 फरवरी तक करा सकेंगे।

Update: 2023-01-20 08:47 GMT

मध्यप्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 फरवरी से प्रारंभ हो जाएगी। किसान अपना रजिस्ट्रेशन 25 फरवरी तक करा सकेंगे। किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की पूरी प्रक्रिया आनलाइन रहेगी। जिसके माध्यम से किसान खुद यह तय कर सकेंगे कि वह किस सेंटर में अपनी उपज किस तारीख को बेचना चाहते हैं।

गेहूं खरीदी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए एमपी में कुल 3480 रजिस्ट्रेशन केन्द्र बनाए गए हैं। किसान अपनी सुविधा के अनुसार गेहूं बेचने के लिए केन्द्र व तारीख का चयन कर सकेंगे। किसानों रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दो विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। पहले विकल्प किसानों के पास यह रहेगा कि वह ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों एवं विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र और एमपी किसान एप जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने पर उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा। जबकि कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और प्रायवेट साइबर कैफे में रजिस्ट्रेशन कराने के दौरान किसानों को प्रति रजिस्ट्रेशन 50 रुपए फीस जमा करनी होगी।

गेहूं खरीदी रजिस्ट्रेशन में दी गई सुविधा

यहां उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता था। जिसमें इसका उल्लेख रहता था कि उक्त किसान को किस तारीख को अपनी उपज लेकर खरीदी केन्द्र पहुंचना है। केवल उसी किसान अपनी उपज लेकर जा सकते थे। ऐसे में यदि किसानों के पास उसी तारीख को अन्य दूसरा जरूरी कार्य आ जाता था तो या तो वह अपनी उपज खरीदी केन्द्र तक नहीं पहुंचा पाते थे या फिर उन्हें अपने जरूरी कार्य को छोड़ना पड़ता था। जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। किन्तु अब नई व्यवस्था के तहत किसान जहां अपनी पसंद का खरीदी केन्द्र चुन सकेंगे तो वहीं अपनी इच्छा अनुसार उपज बेचने के लिए तारीख भी तय कर सकेंगे।

गेहूं खरीदी रजिस्ट्रेशन दस्तावेज

किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के दौरान यह दस्तावेज रखना आवश्यक है। जिसमें जमीन की किताब, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट की पासबुक, बैंक अकाउंट से आधार कार्ड लिंक होना चाहिए यह सबसे महत्वपूर्ण है। यदि उनके खाते से आधार कार्ड लिंक नहीं है तो उनका भुगतान अटक सकता है। इसलिए वह अपने खाते को आधार से लिंक करा लें। किसानों का पंजीयन उसी स्थिति में होगा जब भू-अभिलेख में दर्ज खाते, खसरा, आधार कार्ड का मिलान हो। इसमें विसंगति होने पर तहसील कार्यालय में जाकर किसान सुधार कार्य करवा सकते हैं।

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