OMG! यहां प्रतिदिन महिलाओं को लगाए जाते है 50 थप्पड़, सुंदरता निखारने का है गजब तरीका

साउथ कोरिया (South Korea) में सुंदरता निखारने के लिए की जाती है स्लैप थेरपी

Update: 2021-12-02 13:27 GMT

Slap Therapy In Hindi: हर कोई खास तौर से महिलाएं अपनी सुंदरता को लेकर तरह-तरह के नुस्खे अपनाती रहती है, साउथ कोरिया में महिलाएं चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने के लिए जो तरीका अपना रही है, उसे सुनकर हर कोई दंग रह जाता है।

खबरों के तहत दुनिया में एक बहुत ही अजीबोगरीब थेरेपी प्रचलित है। इसमें थप्पड़ मारकर लोगों की सुंदरता बढ़ाई जाती है। इसे स्लेप थेरेपी (Slap Therapy) के नाम से जाना जाता है। यह थेरेपी साउथ कोरिया में सबसे ज्यादा की जाती है।

महिलाएं करती है ज्यादातर यह थेरेपी (Slap Therapy)

स्लेप थेरेपी (Slap Therapy) का इस्तेमाल साउथ कोरिया (South Korea) में महिलाएं सबसे ज्यादा करती है। बताया जाता है कि यहां यह थेरेपी सैकड़ों सालों से महिलाओं के साथ अब पुरूष भी कर रहे हैं। इसमें महिलाएं अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए अपने गालों में हर रोज 50 थप्पड़ खाती हैं। माना जाता है कि इस थेरेपी से त्वचा में निखार आता है। इससे महिलाएं पहले से ज्यादा सुंदर हो जाती हैं।

ऐसे लगाए जाते है थप्पड़ (Slap Therapy Process)

स्लेप थेरेपी का मतलब यह नहीं कि किसी को तेज थप्पड़ मारा जाए। इसमें बहुत आराम-आराम से और हल्के हाथों से गालों पर थप्पड़ लगाया जाता है। इस थेरेपी का इस्तेमाल महिलाएं स्वयं अपने हाथों से कर सकती हैं। जिसके तहत दोनों हाथों से दोनो गालों को थपथपाना होगा। भले ही ये थेरेपी साउथ कोरिया में प्राचीन काल से प्रचलित है, लेकिन धीरे-धीरे पूरी दुनिया में यह थेरेपी फैल रही है।

साउथ कोरिया के लोग मानते हैं कि इस थेरेपी के जरिए जब गालों पर हल्के थप्पड़ लगाए जाते हैं तो चेहरे के प्रत्येक हिस्से में ब्लड का फ्लो तेज हो जाता है। इससे स्किन को साफ होने में मदद मिलती है। थप्पड़ खाने से चेहरे पर खून बहाव ताजे तरीके से होने लगता है। इससे चेहरा ग्लो करने लगता है। यही वजह है कि साउथ कोरिया की महिलाएं इस थेरेपी का इस्तेमाल प्रतिदिन करती हैं।

बचपन से की जाती है यह थेरेपी

जानकारी के तहत बचपन से ही कोरिया की महिलाएं इस थेरेपी को करना शुरू कर देती हैं। इसीलिए बड़े होकर भी उनकी स्किन इतनी ग्लो करती रहती है। महिलाओं के अलावा साउथ अफ्रीका में पुरुष भी इस थेरेपी का इस्तेमाल करते हैं। कोरिया के लोगों का मानना है कि इस थेरेपी का सही तरीके से इस्तेमाल करने पर त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाकर रखा जा सकता है। इस कारण इसे 'एंटी एजिंग थेरेपी' भी कहते हैं।

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