विराट कोहली घमंडी हैं? Ajinkya Rahane ने बताया ड्रेसिंग रूम में Kohli का असली चेहरा, सच जानकर चौंक जाएंगे

अजिंक्य रहाणे ने विराट कोहली के व्यवहार और मैच से पहले के रूटीन पर बड़ा खुलासा किया है। जानिए क्यों बाहर से घमंडी दिखने वाले विराट असल में टीम इंडिया के सबसे समर्पित खिलाड़ी हैं।

Update: 2026-01-13 09:26 GMT
  • अजिंक्य रहाणे ने विराट कोहली के व्यवहार को लेकर फैली गलतफहमी तोड़ी
  • मैच से पहले विराट क्यों किसी से बात नहीं करते – इसका असली कारण सामने आया
  • ड्रेसिंग रूम में कोहली का फोकस कई खिलाड़ियों को करता था हैरान
  • रहाणे बोले – विराट घमंडी नहीं, बल्कि खुद को ‘जोन’ में ले जाते हैं

Virat Kohli Attitude Truth, विराट कोहली का असली स्वभाव क्या है?

टीम इंडिया के पूर्व उपकप्तान और अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में विराट कोहली को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। क्रिकेट फैंस के बीच अक्सर यह धारणा रहती है कि विराट कोहली घमंडी हैं, तेज़ मिज़ाज हैं और ड्रेसिंग रूम में दूरी बनाकर रखते हैं। लेकिन रहाणे ने साफ शब्दों में कहा कि विराट घमंडी नहीं हैं, बल्कि वह मैच से पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए एक खास ‘जोन’ में चले जाते हैं।

रहाणे और कोहली ने कई वर्षों तक साथ में रेड-बॉल क्रिकेट खेला है। विदेशों में ऐतिहासिक टेस्ट जीत से लेकर भारत को दुनिया की सबसे मजबूत टेस्ट टीमों में शामिल कराने तक, दोनों की लीडरशिप ने अहम भूमिका निभाई। ऐसे में रहाणे का अनुभव बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि उन्होंने विराट को मैदान के अंदर ही नहीं, बल्कि टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में भी बेहद करीब से देखा है।

Ajinkya Rahane on Virat Kohli, “बाहर के लोग उन्हें गलत समझते हैं”

क्रिकबज को दिए इंटरव्यू में अजिंक्य रहाणे ने कहा, “हम विराट के जुनून और उनकी बल्लेबाजी के बारे में जितनी बात करें, उतनी कम है। लेकिन मेरे लिए सबसे अलग बात उनका रवैया है – सीखने का रवैया, कभी हार न मानने का रवैया। बाहर के लोग सोचते हैं कि विराट घमंडी हैं, लेकिन वह ऐसे बिल्कुल नहीं हैं।”

रहाणे के मुताबिक, विराट मैच से पहले खुद को बाकी दुनिया से काट लेते हैं। वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते, यहां तक कि टीम के साथियों से भी सीमित संवाद रखते हैं। बाहर से देखने पर यह व्यवहार लोगों को अजीब लगता है और यहीं से “घमंड” की गलतफहमी जन्म लेती है। जबकि सच्चाई यह है कि विराट इस दौरान खुद को मानसिक रूप से मैच के लिए तैयार कर रहे होते हैं।

Kohli Match Routine, विराट का ‘जोन मोड’ क्यों है खास?

अजिंक्य रहाणे ने बताया कि उन्होंने विराट को कई बार मैच से दो दिन पहले ही इस खास मोड में जाते हुए देखा है। वह अक्सर AirPods लगाए रहते हैं, अपनी पसंद का संगीत सुनते हैं और खुद को पूरी तरह खेल पर केंद्रित कर लेते हैं। इस दौरान वह अनावश्यक बातचीत से दूरी बनाते हैं, ताकि उनका फोकस भंग न हो।

रहाणे ने कहा, “यही तरीका उन्हें जोन में ले जाता है। शुरुआत में यह देखकर कई खिलाड़ी हैरान हो जाते थे कि विराट किसी से बात क्यों नहीं कर रहे। लेकिन बाद में सभी समझ गए कि यह उनका खुद को तैयार करने का तरीका है, न कि किसी से दूरी बनाने का संकेत।”

Team India Dressing Room Story, खिलाड़ियों को समझने में लगा वक्त

टीम इंडिया के कई युवा खिलाड़ियों के लिए यह व्यवहार नया था। रहाणे बताते हैं कि शुरुआत में ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ियों को यह समझने में समय लगा कि विराट ऐसा क्यों करते हैं। धीरे-धीरे सबको एहसास हुआ कि वह असल में खुद को मानसिक रूप से मजबूत बना रहे होते हैं, ताकि मैदान पर 100 प्रतिशत दे सकें।

रहाणे के शब्दों में, “वह किसी से बात न करते हुए अपने अंदर उतरते हैं। यह उनके प्रोसेस का हिस्सा है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह टीम से कटे हुए हैं या खुद को दूसरों से बड़ा समझते हैं।”

Virat Kohli Work Ethic, हर दिन बेहतर बनने की जिद

अजिंक्य रहाणे ने विराट के काम करने के तरीके की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि विराट का वर्क एथिक कमाल का है। वह हर दिन कुछ नया सीखना चाहते हैं, खुद को बदलना चाहते हैं और पहले से बेहतर बनना चाहते हैं। यही वजह है कि इतने सालों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद भी उनकी भूख खत्म नहीं हुई है।

“जब भी आप उन्हें देखते हैं, आप कुछ नया देखते हैं। वह हमेशा टीम के लिए योगदान देना चाहते हैं। यही उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है,” रहाणे ने कहा।

Virat Kohli Latest Record, संगकारा को पीछे छोड़कर रचा इतिहास

अजिंक्य रहाणे के बयान उसी समय सामने आए हैं, जब विराट कोहली एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर चुके हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में विराट ने 93 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी के दौरान उन्होंने अपने 28,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए और श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए।

अब विराट से आगे केवल सचिन तेंदुलकर का नाम है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि उस मानसिक मजबूती और अनुशासन की कहानी है, जिसके बारे में अजिंक्य रहाणे ने विस्तार से बताया है। विराट का “जोन मोड” दरअसल उसी निरंतरता और फोकस का आधार है, जो उन्हें हर युग का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनाता है।

Why Kohli’s Mindset Matters, टीम इंडिया के लिए क्यों जरूरी है विराट का रवैया?

टीम इंडिया के लिए विराट कोहली सिर्फ एक रन मशीन नहीं हैं, बल्कि वह एक मेंटल लीडर भी हैं। उनका अनुशासन, उनकी तैयारी और उनका जुनून बाकी खिलाड़ियों पर भी असर डालता है। ड्रेसिंग रूम में जब कोई खिलाड़ी विराट को खुद से अलग होकर पूरी तरह खेल में डूबते हुए देखता है, तो उसे भी यह एहसास होता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए केवल टैलेंट काफी नहीं होता, बल्कि मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है।

रहाणे के अनुसार, विराट का यह रवैया टीम के भीतर एक स्टैंडर्ड सेट करता है। खिलाड़ी समझते हैं कि बड़े मैचों से पहले खुद को कैसे तैयार करना है, कैसे अपने मन को शांत और केंद्रित रखना है। यही कारण है कि पिछले एक दशक में भारतीय टीम विदेशों में भी बेहद प्रतिस्पर्धी बनकर उभरी।

Public Perception vs Reality, मैदान के बाहर की छवि और असली विराट

सोशल मीडिया और टीवी कैमरों के दौर में खिलाड़ियों की हर हरकत पर नजर रहती है। विराट कोहली का आक्रामक अंदाज, मैदान पर उनका रिएक्शन और विपक्षी टीम से उनकी टक्कर कई बार लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि वह अहंकारी हैं। लेकिन ड्रेसिंग रूम के अंदर की सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।

अजिंक्य रहाणे जैसे शांत और संतुलित खिलाड़ी का यह कहना कि “विराट घमंडी नहीं हैं”, इस बहस को एक नई दिशा देता है। यह बताता है कि जो दिखता है, जरूरी नहीं वही सच हो। विराट का अलग रहना दरअसल उनकी प्रोफेशनल तैयारी का हिस्सा है, न कि किसी के प्रति दूरी या घमंड का संकेत।

विराट कोहली: करियर बैटिंग आँकड़े (सभी फॉर्मेट)

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Format Matches Innings Runs Average SR 100s 50s Highest Score
Test 123 210 9,230 46.85 55.58 30 31 254*
ODI 309 297 14,650 58.60 93.66 53 77 183
T20I 125 117 4,188 48.69 137.04 1 38 122*
IPL 267 259 8,661 39.55 132.86 8 63 113

What This Teaches Young Cricketers, युवाओं के लिए विराट का संदेश

विराट कोहली का यह रवैया युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा सबक है। क्रिकेट केवल बल्ला और गेंद का खेल नहीं है, बल्कि यह दिमाग का खेल भी है। बड़े मंच पर दबाव को संभालना, खुद पर विश्वास बनाए रखना और हर मैच से पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करना – यही चीजें एक अच्छे खिलाड़ी को महान बनाती हैं।

विराट का उदाहरण बताता है कि अगर आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बनना चाहते हैं, तो आपको अपनी आदतें, अपना रूटीन और अपनी सोच भी उसी स्तर की बनानी होगी। यही कारण है कि आज भी वह हर फॉर्मेट में टीम इंडिया की सबसे बड़ी उम्मीद बने हुए हैं।

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विराट का अलग रहना, उनकी ताकत है

अजिंक्य रहाणे के मुताबिक़ विराट कोहली का ड्रेसिंग रूम में शांत और अलग रहना किसी तरह का घमंड नहीं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी ताकत है। यह उनकी प्रोफेशनल सोच, उनकी तैयारी और उनके जुनून का हिस्सा है। बाहर से देखने वाले इसे गलत समझ सकते हैं, लेकिन टीम के अंदर मौजूद खिलाड़ी जानते हैं कि यही रवैया विराट को बाकी सबसे अलग बनाता है।

आज जब विराट लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं, तब यह समझना जरूरी है कि महानता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि अनुशासन और मानसिक मजबूती से आती है। विराट कोहली इसी सोच का सबसे बड़ा उदाहरण हैं।

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