Gold-Silver Price: तीन दिन की गिरावट के बाद चांदी ₹17 हजार उछली, ₹2.53 लाख पहुंची; सोना भी संभला

तीन कारोबारी दिनों की भारी गिरावट के बाद गोल्ड-सिल्वर मार्केट में राहत की सांस, MCX और सर्राफा दोनों में रिकवरी

Update: 2026-02-03 11:38 GMT

Gold Price Today

  • तीन दिन बाद चांदी में तेज रिकवरी, ₹17,000 की बढ़त
  • MCX पर चांदी 7% उछली, ₹2.53 लाख/kg पहुंची
  • सोना भी संभला, ₹1.45 लाख/10g पर लौटा
  • प्रॉफिट बुकिंग के बाद राहत, निवेशकों की वापसी

नई दिल्ली. लगातार तीन दिनों की तेज गिरावट के बाद gold silver market में आज राहत देखने को मिली है। 3 फरवरी को वायदा बाजार यानी MCX silver price में चांदी करीब ₹17,000 (लगभग 7%) उछल गई। इसके साथ ही एक किलो चांदी का भाव ₹2.53 लाख पर पहुंच गया। इससे पहले चांदी ₹4 लाख के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर ₹2.4 लाख के आसपास आ गई थी।

सोना-चांदी भाव: बजट के बाद भारी उथल-पुथल

फरवरी 3 अपडेट: बजट 2026 के बाद सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक हलचल देखी गई। भारी गिरावट के बाद आज बाजार में मामूली रिकवरी के संकेत हैं।

📉 पिछले 3 दिनों की बड़ी गिरावट

तारीख सोना (10g) चांदी (1kg)
29 जनवरी ₹1.69 लाख ₹4.01 लाख
30 जनवरी ₹1.49 लाख ₹2.91 लाख
02 फरवरी ₹1.40 लाख ₹2.41 लाख

आज का भाव (3 फरवरी 2026)

  • 💰 सोना (Gold): रिकवरी के साथ ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुँचा।
  • चांदी (Silver): उछाल के साथ ₹2.80 - ₹3.00 लाख प्रति किलो के करीब।

बाजार में इतनी गिरावट क्यों?

केंद्रीय बजट 2026 में हुए बदलावों और वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया। खासकर चांदी में महज कुछ दिनों के भीतर ₹1.5 लाख से ज्यादा की "हिंसक गिरावट" दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट है।

*कीमतें स्थानीय टैक्स और ज्वैलरी मेकिंग चार्ज के कारण भिन्न हो सकती हैं।

तीन दिन में क्या हुआ था बाजार में?

पिछले सप्ताह silver price crash ने निवेशकों को चौंका दिया था। महज तीन कारोबारी दिनों में चांदी करीब ₹1.60 लाख टूट गई थी। इसी दौरान gold price today भी दबाव में रहा और सोना ₹26,000 तक सस्ता हो गया। यह गिरावट मुख्य रूप से रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद हुई भारी profit booking का नतीजा थी।

आज चांदी और सोना क्यों संभले?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अत्यधिक गिरावट के बाद bullion market recovery स्वाभाविक थी। जैसे ही चांदी ₹2.4 लाख के पास पहुंची, निवेशकों ने इसे खरीदारी का मौका माना। इसी वजह से आज चांदी में तेज उछाल देखने को मिला। सोने में भी करीब ₹5,000 की तेजी रही और यह ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।

सर्राफा बाजार में क्या रेट हैं?

वायदा बाजार के साथ-साथ physical bullion market यानी सर्राफा बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज सर्राफा बाजार में चांदी ₹2,55,372 प्रति किलो बिक रही है। वहीं 24 कैरेट gold rate today india ₹1,50,708 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

MCX और सर्राफा बाजार में दाम अलग-अलग क्यों दिखते हैं?

अक्सर निवेशकों और आम खरीदारों के मन में सवाल रहता है कि MCX silver price और सर्राफा बाजार में दिखने वाले दाम अलग-अलग क्यों होते हैं। MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां सोना-चांदी की ट्रेडिंग फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट के जरिए होती है। यहां हर सेकंड बोलियां लगती हैं, जिससे कीमतें तेजी से ऊपर-नीचे होती रहती हैं।

वहीं दूसरी तरफ physical bullion market यानी सर्राफा बाजार वह जगह है, जहां लोग फिजिकल सोना-चांदी खरीदते और बेचते हैं। इसमें धातु को लाने, स्टोर करने, बीमा और ट्रांसपोर्ट का खर्च जुड़ा होता है। यही वजह है कि सर्राफा बाजार में कीमतें अक्सर MCX से थोड़ी ज्यादा दिखाई देती हैं।

तीन दिन की गिरावट की 2 बड़ी वजह

1. प्रॉफिट बुकिंग: हाल के दिनों में gold silver prices रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। चांदी ₹4 लाख प्रति किलो और सोना ₹1.69 लाख प्रति 10 ग्राम तक चला गया था। जैसे ही निवेशकों को लगा कि कीमतें बहुत ज्यादा हो गई हैं, उन्होंने बड़े पैमाने पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी। इसी वजह से बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली।

2. फिजिकल डिमांड में कमी: ऑल-टाइम हाई के बाद physical demand कमजोर हो गई। ज्वेलरी खरीदने वाले पीछे हट गए और इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी चांदी की मांग को लेकर चिंताएं बढ़ीं। जब फिजिकल डिमांड कमजोर होती है, तो कीमतों को सहारा नहीं मिल पाता और गिरावट तेज हो जाती है।

CME ने मार्जिन बढ़ाया, क्यों बना दबाव?

SEBI रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME margin hike) ने हाल ही में सोने और चांदी पर मार्जिन मनी बढ़ा दी है। सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% कर दिया गया है, जबकि चांदी पर इसे 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।

कमोडिटी मार्केट में जब कोई ट्रेडर बड़ा सौदा करता है, तो उसे पूरी रकम तुरंत नहीं देनी होती। उसे कुल कीमत का एक हिस्सा सिक्योरिटी के तौर पर जमा करना पड़ता है, जिसे margin money कहा जाता है। मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि अब ट्रेडर्स को ज्यादा पैसा लगाना पड़ेगा।

कई ऐसे ट्रेडर्स होते हैं, जिन्होंने पहले से बड़ी पोजीशन ले रखी होती है। जैसे ही मार्जिन बढ़ता है, एक्सचेंज उनसे अतिरिक्त पैसा मांगता है। अगर उनके पास तुरंत फंड नहीं होता, तो वे मजबूरी में अपना सोना या चांदी बेचते हैं। जब बहुत सारे लोग एक साथ बेचते हैं, तो silver price crash और gold price fall जैसी स्थिति बन जाती है।

आज की तेजी कितनी मजबूत मानी जाए?

आज आई तेजी को एक्सपर्ट्स एक technical rebound मान रहे हैं। यानी बहुत ज्यादा गिरावट के बाद बाजार में स्वाभाविक उछाल। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि अब कीमतें सीधे पुराने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएंगी। आने वाले दिनों में bullion market में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

अब आगे क्या? सोना-चांदी का आउटलुक समझिए

तीन दिन की भारी गिरावट के बाद आज आई तेजी को एक्सपर्ट्स technical rebound मान रहे हैं। यानी बहुत ज्यादा बिकवाली के बाद बाजार में स्वाभाविक रिकवरी। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि silver price today या gold price today सीधे अपने पुराने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएंगे। आने वाले कुछ सत्रों तक bullion market में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

कमोडिटी जानकारों के मुताबिक, जब तक ग्लोबल संकेत स्थिर नहीं होते और मार्जिन से जुड़ा दबाव कम नहीं होता, तब तक सोना-चांदी सीमित दायरे में कारोबार कर सकते हैं। यानी तेजी और मंदी, दोनों तरफ के मूव देखने को मिल सकते हैं।

अभी खरीदें या इंतजार करें? एक्सपर्ट की राय

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए gold investment और silver investment अभी भी सुरक्षित माने जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना ज्यादा समझदारी होगी। इससे अगर कीमतों में दोबारा गिरावट आती है, तो औसत लागत कम की जा सकती है।

वहीं ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए यह समय थोड़ा बेहतर हो सकता है, लेकिन जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है। शादी-विवाह या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोग कीमतों पर नजर रखते हुए थोड़ा इंतजार भी कर सकते हैं।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा BIS hallmark gold ही खरीदें। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना तय कैरेट का है। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे AZ4524, जिससे शुद्धता की पहचान की जा सकती है।

2. कीमत क्रॉस-चेक करें: खरीदारी के दिन का gold rate today india कई भरोसेमंद सोर्स से जरूर मिलान करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव अलग-अलग होते हैं, इसलिए बिल में यह स्पष्ट होना चाहिए।

असली चांदी पहचानने के 4 आसान तरीके

  • मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो चांदी नकली हो सकती है।
  • आइस टेस्ट: चांदी पर बर्फ रखें। असली चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है।
  • स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। कॉपर जैसी गंध आना मिलावट का संकेत है।
  • क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए, तो आमतौर पर चांदी असली होती है।

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FAQs: सोना-चांदी की कीमतों से जुड़े सवाल

तीन दिन की गिरावट के बाद चांदी में तेजी क्यों आई?

यह तेजी मुख्य रूप से profit booking के बाद आई तकनीकी रिकवरी की वजह से देखी गई है।

क्या यह तेजी टिकाऊ है?

फिलहाल इसे स्थायी तेजी नहीं माना जा रहा। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है।

सोना निवेश के लिए अभी सही है?

लॉन्ग टर्म के लिए gold investment अभी भी सुरक्षित माना जाता है, लेकिन चरणबद्ध खरीद बेहतर है।

चांदी सोने से ज्यादा जोखिम भरी क्यों है?

चांदी में इंडस्ट्रियल डिमांड जुड़ी होती है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है।

IBJA के रेट क्यों अहम माने जाते हैं?

IBJA के रेट्स का इस्तेमाल बैंक, ज्वेलर्स और गोल्ड लोन कंपनियां बेंचमार्क के तौर पर करती हैं।

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