पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा फैसला: यूएस-ईरान युद्ध के बीच सरकार ने ₹10 घटाई एक्साइज ड्यूटी, डीजल पर टैक्स हुआ जीरो!

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर ₹10 की एक्साइज ड्यूटी घटाई। डीजल पर टैक्स अब जीरो। जानें ईरान जंग के बीच मोदी सरकार के इस बड़े फैसले का आम जनता पर क्या असर होगा।

Update: 2026-03-27 04:13 GMT

दुनियाभर में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को लेकर मची हलचल के बीच भारत सरकार ने आम आदमी की जेब को बड़ी राहत देने वाला फैसला किया है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की भारी कटौती का ऐलान किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाली संभावित बढ़ोतरी पर लगाम लग जाएगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ईरान युद्ध की वजह से सप्लाई चैन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

एक्साइज ड्यूटी में कटौती: अब कितना सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल?

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को ₹13 प्रति लीटर से घटाकर अब केवल ₹3 कर दिया है। सबसे चौंकाने वाला और राहत भरा फैसला डीजल को लेकर लिया गया है, जिस पर ड्यूटी को पूरी तरह खत्म यानी 'जीरो' कर दिया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक्साइज ड्यूटी एक तरह का 'इनडायरेक्ट टैक्स' है जो सामान के उत्पादन पर लगाया जाता है। जब सरकार इस टैक्स को कम करती है, तो तेल कंपनियों की लागत घटती है और इसका सीधा फायदा कीमतों को स्थिर रखने में मिलता है।

निर्यात पर विंडफॉल टैक्स और डोमेस्टिक मार्केट की सुरक्षा

जहाँ एक तरफ सरकार ने देश के अंदर टैक्स कम किया है, वहीं दूसरी तरफ डीजल और जेट फ्यूल (ATF) के निर्यात पर 'विंडफॉल टैक्स' लगा दिया है। अब डीजल के एक्सपोर्ट पर ₹21.5 प्रति लीटर और हवाई जहाज के ईंधन (ATF) के एक्सपोर्ट पर ₹29.5 प्रति लीटर का टैक्स देना होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि भारत की तेल कंपनियाँ ज्यादा मुनाफे के लालच में सारा ईंधन बाहर न भेज दें, जिससे देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की किल्लत न हो।

निजी कंपनियों के बढ़ते दाम और सरकार की सफाई

इस सरकारी कटौती से ठीक एक दिन पहले निजी तेल कंपनी 'नायरा एनर्जी' ने पेट्रोल के दाम ₹5 और डीजल के दाम ₹3 तक बढ़ा दिए थे। भोपाल जैसे शहरों में इस कंपनी का पेट्रोल ₹111.72 तक पहुँच गया है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि दुनिया में चाहे जो भी हालात हों, भारत के पास अगले 60 दिनों का पेट्रोल और डीजल रिजर्व में सुरक्षित है। इसलिए जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

ईरान जंग और पीएम मोदी का 'मास्टर प्लान'

ईरान और वैश्विक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान की स्थिति नहीं सुधरी, तो आने वाला समय 'कोरोना काल' जैसी बड़ी परीक्षा वाला हो सकता है। इस बैठक में मुख्यमंत्रियों के साथ सप्लाई चैन को मजबूत करने और बढ़ती महंगाई को रोकने की रणनीति पर चर्चा होगी। हालांकि, चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

सरकार के इस फैसले से साफ़ है कि वह किसी भी कीमत पर महंगाई को बेकाबू नहीं होने देना चाहती। डीजल पर टैक्स जीरो करने से ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होगी, जिससे फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी स्थिर रहेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल के संकट के दौर में सरकार का यह 'बफर' प्लान भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े झटके से बचाने में ढाल का काम करेगा। कुल मिलाकर, पेट्रोल-डीजल पर ₹10 की यह राहत मिडिल क्लास और बिजनेस सेक्टर दोनों के लिए बड़ी संजीवनी साबित होगी।

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