Jeff Bezos इंसानों को अमर बनाने के लिए अरबों रुपए खर्च कर रहे हैं, क्या ये सही है?

Jeff Bezos s Altos Lab: Amazon के मालिक Jeff Bozos खुद भी अमर होना चाहते हैं और लोगों को भी अमर बनाना चाहते हैं लेकिन इसके लिए खूब पैसे खर्च करने पड़ेंगे

Update: 2022-02-01 10:14 GMT

Jeff Bezos Altos Lab: अमेजन (Amazon) कंपनी के मालिक जेफ्फ बोजोस (Jeff Bezos) खुद अमर होना चाहते हैं और दूसरों को भी अमर यानी के Immortal बनाना चाहते हैं। सुनने में यह तो मजाकिया और असंभव लगता है लोग इसे सच में मजाक में ही ले रहे हैं लेकिन सोचने वाली बात है कि दुनिया का दूसरा सबसे अमीर बिजनेसमैन ऐसे तो अपने अरबों रुपए बर्बाद नहीं करेगा। कुछ सोचा समझा होगा तभी तो इसके लिए जीव विज्ञान के वैज्ञानिकों की टीम और एक कंपनी Altos Lab बनाई है। 

जेफ़ बेजोस ने Unity Biotechnology में रिसर्च के लिए अंधा पैसा खर्च किया है और लगातार करते जा रहे हैं। कम्पनी का मकसद इंसानों की बढ़ती उम्र के चक्र को धीमा करना है जो इंसान को ना सिर्फ बूढ़ा होने से रोकेगी सामान्य से ज़्यादा समय तक जीवित रखेगी। कंपनी रिवर्स एजिंग (Reverse Ageing) पर काम कर रही है जो बुढ़ापे को जवानी में बदल सकती है। 

बहुत से अरबपतियों ने इन्वेस्ट किया है 

अमरता भले ही सुनने में काल्पनिक और हास्यपद लगे लेकिन विज्ञान और तकनीक की मदद से लाइफ साईकिल को बदलने की संभावनाएं हैं. इस दुनिया में ऐसे कई जानवर  और प्राणी हैं जो 100-200 साल नहीं 500 और उससे भी ज़्यादा समय तक जीतें हैं जैसे समुद्री कछुआ और समुद्री जेलीफिश, बेजोस के इस बिज़नेस में कई बड़े लोगों ने अपना पैसा इन्वेस्ट किया है जिसमे रूस के अरबपति Yuri Milner और उनकी पत्नी Julia ने करोड़ों रुपए इंसानों को अमर बनाने वाली लैब में इन्वेस्ट किए हैं. 

कैसे होगी रिवर्स एजिंग 

Altos Lab में बुढ़ापे को वापस जवानी में रिवर्स करने पर काम कर रही है और इसमें दुनिया के सबसे बुद्धिमान साईटिस्ट और जीव वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। एजिंग की प्रक्रिया सेल्स के स्तर में होती है, इस लैब में यह पता लगाया जा चूका है कि एक वयस्क इंसान के सेल्स कम से कम 50 बार विभाजित होते हैं. और बढ़ती उम्र के साथ यह विभाजन की प्रक्रिया रुक जाती है। जबकी नवजात बच्चे के सेल्स कम से कम 80 से 90 बार विभाजित होते हैं, वहीं बुजुर्गों में यह विभाजन सिर्फ 20 बार होता है. 

ऐसे में जेफ़ बेजोस की कंपनी ये रिसर्च करने में जुटी हुई है कि क्या सेल्स में बदलाव करने से एजिंग की प्रक्रिया को रोका जा सकता और क्या सामान्य उम्र से ज़्यादा वक़्त तक इंसानों को ज़िंदा रखा जा सकता है। 

क्या ये सही है 

विज्ञान और जीव विज्ञान की दुनिया में यह एक साहसिक और बड़ा कदम है लेकिन इंसान की उम्र को रोक देना एक बड़ी उपलब्धि तो होगी लेकिन भविष्य में यह दुनिया के लिए खतरा बन जाएगी। हालांकि हर शख्स को तो  अमरता का वरदान या कहें की अमरता का ट्रीटमेंट तो नहीं मिल सकता। इसकी खोज के लिए अरबों रुपए झोंके जा रहे हैं तो अमर बनने या जवानी वापस हासिल करने के लिए मोती कीमत भी चुकानी पड़ेगी तो हर शख्स के बस में नहीं होगा 

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