जनवरी में WPI महंगाई 1.81% पर, 10 महीने का हाई; खाने-पीने की चीजें महंगी

जनवरी में भारत की Wholesale Price Index WPI महंगाई 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गई है जो 10 महीनों का उच्च स्तर है। फूड इंडेक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि फ्यूल एंड पावर में गिरावट रही।

Update: 2026-02-16 13:09 GMT

News Highlights

  • जनवरी में WPI महंगाई 1.81% पर पहुंची, 10 महीनों का उच्च स्तर
  • फूड इंडेक्स माइनस 0.43% से बढ़कर 1.55% हुआ
  • मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स महंगाई 2.86% तक पहुंची
  • रिटेल महंगाई (CPI) 2.75% पर, 8 महीने का हाई

जनवरी महीने में Wholesale Price Index (WPI) inflation बढ़कर 1.81% पर पहुंच गई है, जो पिछले 10 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। दिसंबर में यह 0.83% थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री द्वारा 16 फरवरी को जारी आंकड़ों के अनुसार, food inflation और manufacturing inflation में तेज बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

📊 Inflation Explained

WPI बढ़ने का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ता है। लंबे समय तक ऊंची थोक महंगाई रहने पर कंपनियां बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं।

WPI में किन सेक्टरों का योगदान?

Primary Articles की महंगाई 0.21% से बढ़कर 2.21% हो गई। इसमें food articles जैसे अनाज, सब्जियां और गेहूं शामिल हैं। Fuel and Power सेक्टर में महंगाई दर माइनस 4.01% रही, जो गिरावट दर्शाती है। वहीं Manufactured Products की दर 2.86% तक पहुंची, जिसका वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है।

वित्त वर्ष 2025-26: CPI बनाम WPI महंगाई दर तुलना

अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक रिटेल (CPI) और थोक (WPI) महंगाई दर का विस्तृत विश्लेषण

महीना CPI (%) WPI (%) ट्रेंड
अप्रैल 2025 3.16% 0.85% रिटेल दबाव अधिक
मई 2025 2.82% 0.39% धीमी राहत
जून 2025 2.10% -0.13% थोक गिरावट
जुलाई 2025 1.61% -0.58% लागत में कमी
अगस्त 2025 2.07% 0.52% दोनों में बढ़त
सितंबर 2025 1.44% 0.13% स्थिर स्थिति
अक्टूबर 2025 0.25% -1.21% सबसे अधिक राहत
नवंबर 2025 0.71% -0.32% थोक नकारात्मक
दिसंबर 2025 1.33% 0.83% वृद्धि संकेत
जनवरी 2026 2.75% 1.81% दोनों में तेज उछाल

📊 निष्कर्ष: जनवरी 2026 में CPI (2.75%) और WPI (1.81%) दोनों में तेजी दर्ज हुई, जिससे उपभोक्ता और थोक बाजार दोनों पर दबाव बढ़ा।

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Wholesale Inflation January 2026 • India WPI Update • Retail Inflation Data

रिटेल महंगाई (CPI) का क्या हाल?

जनवरी में Retail Inflation (CPI) 2.75% पर पहुंच गई, जो दिसंबर के 1.33% से अधिक है। यह 8 महीनों का उच्च स्तर है। Food and Housing कैटेगरी का CPI में बड़ा योगदान होता है।

महंगाई कैसे मापी जाती है?

भारत में CPI और WPI दो प्रमुख महंगाई सूचकांक हैं। CPI आम उपभोक्ता द्वारा चुकाई गई कीमतों पर आधारित होता है, जबकि WPI थोक बाजार में व्यापारियों के बीच लेन-देन पर आधारित होता है।

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FAQs

WPI inflation क्या है?

WPI wholesale level पर कीमतों का सूचकांक है।

CPI और WPI में क्या अंतर है?

CPI खुदरा स्तर पर, WPI थोक स्तर पर कीमत मापता है।

जनवरी में महंगाई क्यों बढ़ी?

मुख्य कारण food और manufacturing कीमतों में बढ़ोतरी।

क्या सरकार महंगाई नियंत्रित कर सकती है?

सरकार टैक्स और एक्साइज ड्यूटी समायोजन से नियंत्रण कर सकती है।

महंगाई का आम आदमी पर क्या असर?

कीमतें बढ़ने से खर्च और जीवनयापन महंगा हो जाता है।

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