सोना ₹30,000 गिरा, चांदी ₹1.60 लाख टूटी — 3 दिनों में कीमतें इतनी तेज़ी से क्यों गिर रही हैं?

यूनियन बजट 2026 के बाद सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। चांदी तीन दिनों में ₹1.60 लाख गिरकर ₹2.41 लाख/किलो हो गई, सोना ₹1.40 लाख पर आ गया। कारण, शहर के हिसाब से कीमतें और आगे क्या होगा, जानें।

Update: 2026-02-02 12:09 GMT
  • चांदी 3 दिन में ₹1.60 लाख गिरी, ₹2.41 लाख/kg पर आई
  • सोना ₹30,000 तक सस्ता, ₹1.40 लाख के आसपास ट्रेड
  • बजट के बाद मुनाफा वसूली, निवेशकों की बिकवाली तेज
  • MCX और सर्राफा बाजार दोनों में गिरावट

बजट पेश होने के एक दिन बाद ही bullion market india में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। 2 फरवरी को लगातार तीसरे दिन gold price fall और silver price crash दर्ज की गई। वायदा बाजार में चांदी करीब ₹23,000 (लगभग 9%) टूट गई, जबकि सोने में भी करीब ₹7,000 की गिरावट आई। हाल के ऑल-टाइम हाई के बाद निवेशकों द्वारा की गई profit booking को इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।

तीन दिन में कितनी गिरावट आई?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX gold silver में पिछले तीन कारोबारी सत्रों में भारी बिकवाली देखी गई। 29 जनवरी को जहां चांदी ₹4.01 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, वहीं अब यह फिसलकर ₹2.40–2.41 लाख के दायरे में आ गई है। यानी महज तीन दिनों में चांदी करीब ₹1.60 लाख सस्ती हो गई।

सोने की बात करें तो 29 जनवरी को ₹1.69 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने वाला gold rate today अब गिरकर ₹1.40 लाख के आसपास ट्रेड कर रहा है। दो से तीन दिनों में लगभग ₹30,000 की गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।

सर्राफा बाजार में क्या हाल है?

वायदा बाजार के साथ-साथ physical bullion market यानी सर्राफा बाजार में भी दबाव दिखा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 2 फरवरी को चांदी ₹29,255 टूटकर ₹2,36,496 प्रति किलो पर आ गई। वहीं 24 कैरेट सोना ₹6,427 गिरकर ₹1,42,270 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

बजट के बाद ही क्यों टूटी कीमतें?

बजट से पहले gold silver prices रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी थीं। जैसे ही बजट से कोई बड़ा पॉजिटिव सरप्राइज नहीं मिला, निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। यही वजह है कि बजट के तुरंत बाद बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली।

सोने की कीमतें आज (2 फरवरी 2026): कैरेट के हिसाब से ताजा भाव

तेज गिरावट के बाद gold price today अब निचले स्तरों पर स्थिर होता दिख रहा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 2 फरवरी को 24 कैरेट सोना ₹1,42,270 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। 22 कैरेट सोना ₹1,30,319 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि 18 और 14 कैरेट गोल्ड भी बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के लिए थोड़ा सस्ता हुआ है।

शुद्धता (कैरेट) कीमत (₹ / 10 ग्राम)
14 कैरेट ₹83,228
18 कैरेट ₹1,06,703
22 कैरेट ₹1,30,319
24 कैरेट ₹1,42,270

देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के भाव

gold rate city wise देखें तो मेट्रो और बड़े शहरों में कीमतें लगभग एक जैसी बनी हुई हैं। हालांकि टैक्स, ट्रांसपोर्ट और लोकल डिमांड के कारण मामूली अंतर देखने को मिलता है। दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोना ₹1.51 लाख के आसपास है, जबकि मुंबई और कोलकाता में थोड़ी कम कीमत दर्ज की गई है।

शहर 24 कैरेट (₹ / 10 ग्राम)
जयपुर₹1,51,680
दिल्ली₹1,51,680
लखनऊ₹1,51,680
अहमदाबाद₹1,51,580
पटना₹1,51,580
भोपाल₹1,51,580
मुंबई₹1,51,530
कोलकाता₹1,51,530
रायपुर₹1,51,530
चेन्नई₹1,51,460

📉 Gold & Silver Price Fall – Visual Snapshot

Gold Price Fall

सोना–चांदी में जोरदार गिरावट

बजट के बाद gold silver price fall देखने को मिल रहा है। चांदी 3 दिन में ₹1.60 लाख टूट चुकी है, जबकि सोना ₹30,000 तक फिसल चुका है।

चांदी
₹4.01 लाख → ₹2.41 लाख
▼ ₹1.60 लाख
सोना
₹1.69 लाख → ₹1.40 लाख
▼ ₹30,000
मुख्य वजह

Profit Booking
CME Margin Hike
मार्केट
MCX + Sarrafa
दोनों में दबाव

सोना–चांदी में गिरावट की 2 बड़ी वजह

Gold silver price fall के पीछे सबसे बड़ी वजह profit booking मानी जा रही है। पिछले हफ्ते सोना और चांदी दोनों ही ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए थे। ऐसे में बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए भारी बिकवाली शुरू कर दी। जैसे ही एक साथ बड़ी मात्रा में बिक्री हुई, bullion market में दबाव बढ़ गया और कीमतें तेजी से नीचे आने लगीं।

दूसरी अहम वजह physical demand में आई कमजोरी है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ज्वेलरी और इंडस्ट्रियल सेगमेंट से खरीदारी घट गई। खासतौर पर चांदी में इंडस्ट्रियल उपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ीं, जिसका असर इसकी कीमतों पर साफ दिखाई दिया।

मार्जिन बढ़ने से क्यों बढ़ा दबाव?

SEBI रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने कॉपर के बाद अब सोने और चांदी पर भी margin money बढ़ा दी है। सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% कर दिया गया है, जबकि चांदी पर इसे 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।

कमोडिटी मार्केट में ट्रेड करते समय निवेशकों को पूरी रकम नहीं, बल्कि एक हिस्सा सिक्योरिटी के तौर पर जमा करना होता है, जिसे मार्जिन कहा जाता है। जब मार्जिन बढ़ता है, तो ट्रेडर्स को अतिरिक्त पैसा लगाना पड़ता है। जिनके पास तुरंत फंड नहीं होता, वे अपनी होल्डिंग बेचने लगते हैं। जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ बेचते हैं, तो gold silver prices पर दबाव और तेज हो जाता है।

आगे क्या करें: खरीदें, बेचें या इंतजार?

मौजूदा हालात में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि gold investment और silver investment के लिए सही रणनीति क्या हो। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशक घबराकर बिकवाली न करें। गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से खरीदारी (staggered buying) एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए यह गिरावट एक अवसर भी हो सकती है, लेकिन जल्दबाजी से बचना जरूरी है। बाजार में अभी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी करना ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। यह हॉलमार्क एक अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) होता है, जिससे सोने की शुद्धता और भरोसेमंद होने की पुष्टि होती है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: खरीदारी के दिन gold rate today को IBJA जैसी भरोसेमंद वेबसाइट से जरूर मिलान करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है, इसलिए बिल में सभी डिटेल साफ होनी चाहिए।

असली चांदी की पहचान करने के 4 आसान तरीके

मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो चांदी नकली हो सकती है।

आइस टेस्ट: चांदी पर बर्फ रखने पर असली चांदी में बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है, क्योंकि यह बेहतरीन कंडक्टर होती है।

स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली चांदी में कॉपर जैसी गंध आ सकती है।

क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर काला निशान आए, तो चांदी असली होने की संभावना ज्यादा होती है।

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FAQs: सोना–चांदी की कीमतों में गिरावट

सोना और चांदी अचानक इतनी तेजी से क्यों गिरे?

Gold silver crash की मुख्य वजह मुनाफा वसूली, फिजिकल डिमांड में कमी और CME द्वारा मार्जिन बढ़ाना है।

क्या यह गिरावट आगे भी जारी रह सकती है?

शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में precious metals को सुरक्षित निवेश माना जाता है।

क्या अभी ज्वेलरी खरीदना सही समय है?

अगर खरीदारी की योजना पहले से है, तो गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से खरीदना बेहतर माना जाता है।

निवेश के लिए सोना बेहतर है या चांदी?

Gold investment ज्यादा स्थिर माना जाता है, जबकि चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा लेकिन रिटर्न की संभावना भी अधिक होती है।

IBJA के भाव क्यों अहम माने जाते हैं?

IBJA के रेट्स का इस्तेमाल बैंक, RBI और सर्राफा बाजार में बेस प्राइस के तौर पर किया जाता है।

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