Nitish Kumar Rajya Sabha Nomination: बिहार की राजनीति में हलचल, नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद सियासी बयानबाजी तेज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इस दौरान अमित शाह मौजूद रहे, जबकि राज्य में विरोध और सियासी बयानबाजी तेज हो गई।

Update: 2026-03-05 12:14 GMT
  • नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किया नामांकन
  • नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद
  • राज्यसभा जाने की खबर पर JDU कार्यकर्ताओं में नाराजगी
  • पटना में पार्टी कार्यालय और सीएम आवास के बाहर विरोध

बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। गुरुवार को विधानसभा पहुंचकर उन्होंने औपचारिक रूप से नामांकन पत्र जमा किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन के बाद जहां सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक अनुभव का नया अध्याय बताया, वहीं विपक्ष और कुछ कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया ने राज्य की सियासत को गरमा दिया।

बिहार की राजनीति में नया मोड़

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। समर्थकों और विरोधियों दोनों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर कई प्रमुख राजनीतिक नेता मौजूद रहे। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी नामांकन दाखिल किया।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक महत्व दे दिया। कई नेताओं ने इसे बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण क्षण बताया।

अमित शाह का बयान

नामांकन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन और प्रशासनिक कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल बिहार के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखेगा।

उन्होंने कहा कि बिहार में विकास की गति को आगे बढ़ाने में नीतीश कुमार की भूमिका अहम रही है। सड़कों के विस्तार, प्रशासनिक सुधार और कानून व्यवस्था में बदलाव को उन्होंने उनके शासनकाल की प्रमुख उपलब्धियों में बताया।

नीतीश कुमार का बयान




 


नामांकन से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा रही कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनें।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के तहत वे इस बार राज्यसभा का सदस्य बनने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा।

तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया

राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार की राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने सहयोगी दलों पर दबाव बनाती है और राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश करती है।

उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे सकता है। हालांकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है।

कार्यकर्ताओं का विरोध

मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद पटना में जदयू कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी देखी गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुटने लगे।

कुछ कार्यकर्ताओं ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण चेहरा हैं और उन्हें राज्य की राजनीति से दूर नहीं जाना चाहिए।

पार्टी कार्यालय में हंगामा

पटना स्थित जदयू कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं के विरोध की खबरें सामने आईं। कुछ स्थानों पर नाराज कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और पार्टी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए कार्यालय के गेट बंद कर दिए गए।

विरोध के दौरान कुछ नेताओं के खिलाफ नारे लगाए गए और संगठन के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई।

राजनीतिक प्रभाव और आगे की स्थिति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा चुनाव में उतरना बिहार की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। इससे राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर असर पड़ सकता है।

आने वाले दिनों में इस फैसले के राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रियाएं स्पष्ट हो सकती हैं। फिलहाल राज्य में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और चर्चा का दौर जारी है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए कब नामांकन दाखिल किया?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।

नामांकन के दौरान कौन-कौन मौजूद थे?

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

कार्यकर्ताओं का विरोध क्यों हुआ?

कुछ कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर पर नाराजगी जताई।

तेजस्वी यादव ने क्या प्रतिक्रिया दी?

उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया और इसे सियासी रणनीति बताया।

क्या इससे बिहार की राजनीति प्रभावित हो सकती है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।

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