MP News: राजधानी भोपाल को मिलेगी एक और वन विहार की सौगात, 18 बाघों के लिए भी होगा नया कॉरिडोर

MP News: राजधानी भोपाल को एक और वन विहार की सौगात मिलने वाली है। जिसका प्रस्ताव भोपाल फॉरेस्ट सर्किल द्वारा राज्य सरकार को बनाकर भेज भी दिया गया है।

Update: 2023-03-01 09:25 GMT

राजधानी भोपाल को एक और वन विहार की सौगात मिलने वाली है। जिसका प्रस्ताव भोपाल फॉरेस्ट सर्किल द्वारा राज्य सरकार को बनाकर भेज भी दिया गया है। इसमें सीहोर और भोपाल वन मंडल के कुल 12551 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया गया है। भोपाल वन मंडल में घूम रहे 18 बाघों के इलाकों को भी इसमें शामिल किया गया है जिससे इनको नया कॉरिडोर भी मिल जाएगा।

वन विहार फेस 2 प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट को वन विहार फेस-2 भोपाल-सीहोर कंजर्वेशन रिजर्व नाम दिया गया है। जिसमें सीहोर और भोपाल वन मंडल के क्षेत्र को शामिल किया गया है। जिसको यदि शासन द्वारा नोटिफाई किया जाता है तो भोपाल से सिंघोरी तक बाघों का बड़ा कॉरिडोर बन जाएगा। इसके कारण बाघों की पहुंच पन्ना टाइगर रिजर्व और नौरादेही तक हो जाएगी। भोपाल फॉरेस्ट सर्किल द्वारा जिस सीहोर और भोपाल वन मंडल के क्षेत्र को इसमें शामिल किया गया है उसमें अभी छोटे-छोटे झाड़ के जंगल हैं। इससे जहां बाघों के बीच आपसी संघर्ष रुक जाएगा तो वहीं जंगली इलाकों में अवैध कब्जे भी नहीं किए जा सकेंगे।

25 से ज्यादा गांव होंगे शामिल

प्रस्तावित नई सेंचुरी में दौलतपुरा, चिचली सहित तकरीबन 25 से ज्यादा गांवों को इसमें शामिल किया जाएगा। जिसमें सबसे ज्यादा एरिया सीहोर का रहेगा। सीहोर वन मंडल का 7083.976 हेक्टेयर क्षेत्रफल इसमें शामिल होगा। जबकि इसमें भोपाल का वन क्षेत्र सहित राजस्व का इलाका भी जोड़ जाएगा। भोपाल वन मंडल क्षेत्र का 5146.923 हेक्टेयर और भोपाल वन मंडल का 320.970 हेक्टेयर क्षेत्रफल इसमें शामिल किया जाएगा। वन विहार फेस-2 की पहल तत्कालीन सीसीएफ एसएस राजपूत द्वारा की गई थी। जिस पर वर्ष 2010-11 से कार्य किया जा रहा है।

बाघों को मिलेगा सुरक्षित ठिकाना

बाघों को सुरक्षित ठिकाना मिल सके इस उद्देश्य से यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। अभी इन इलाकों में बाघों की पहुंच इंसानी क्षेत्रों में भी हो रही है। प्रस्तावित इस नई सेंचुरी में केवल संरक्षित वन और राजस्व वन को शामिल किया गया है। भोपाल सर्किल के सीसीएफ राजेश खरे के दिशा निर्देश पर भोपाल वन मंडल के डीएफओ आलोक पाठक और सीहोर वन मंडल डीएफओ अनुपम सहाय द्वारा यह प्रोजेक्ट बनाया गया है। वन विहार फेस-2 भोपाल-सीहोर कंजर्वेशन रिजर्व को यदि शासन नोटिफाई करता है तो बाघों को सुरक्षित ठिकाना मिलने के साथ ही राजस्व इलाके में हो रहे अतिक्रमण को रोका जा सकता है।

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