रीवा के इस छात्र ने बनाई ऐसी वेबसाइट, चुटकियो में हो जायेंगे एकाउंटिंग के कार्य | REWA NEWS


रीवा. वैसे तो यह जमाना ही बदलती तकनीकी का है। लेकिन युवाओं की सोच में इतनी तेजी के साथ बदलाव होगा। पिछली पीढ़ी को इसका अंदाजा भी नहीं रहा है। बदलाव की यह बयार बदलते तकनीकी माहौल का नतीजा है। यूं तो नया करने वाले युवाओं की कमी नहीं है। उनमें से हम ऐसे युवा को चुनकर लाए हैं, जो तेजी के साथ अपडेट होते तकनीकी दौर को बयां करने के लिए काफी है।


जरूरत पड़ी तो बीसीए छात्र ने बना दी यूनिक वेबसाइट
सच ही कहा गया है आवश्यकता अविष्कार की जननी है।जरूरत में बीसीए छात्र ने एकाउंटिंग की यूनिक वेबसाइट बनाकर इस कथन को एक बार फिर से साबित किया है। बात पेंटियम प्वाइंट कॉलेज के छात्र आनंद कुशवाहा की कर रहे हैं। कुछ महीने पहले आनंद एलआईसी के एक बड़े एजेंट के यहां एकाउंटिंग का कार्य करने जाते थे। पॉलिसी धारकों की बड़ी संख्या और लेन-देन का बड़ा टर्नओवर उनके लिए मुसीबत भरा जान पड़ता था।हर महीने हिसाब में गड़़बड़ी अलग से। सो आनंद ने ऐसे विकल्प की तलाश शुरू कर दी, जिससे समस्या सुलभ हो सके। विकल्प की तलाश करते-करते तीन से चार महीने में उन्होंने एलआईसी मैनेजमेंट के नाम से एक वेबसाइट ही बना दी। आनंद वेबसाइट बनाने में कुछ जानकारीअपने टीचर्स से प्राप्त की तो कुछ के लिए इंटरनेट को जरिया बनाया। सारे रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और चुटकियों में एकाउंटिंग का कार्य करने वाली इस वेबसाइट को जब आनंद ने बनाकर तैयार किया तो न केवल एलआईसी एजेंट बल्कि कॉलेज के टीचर भी हतप्रभ रह गए।कई एलआईसी एजेंट ने आनंद की बनाई गई वेबसाइट का प्रयोग भी शुरू कर दिया है।

तैयार किया वाट्सएप सरीके मैसेंजर
आनंद के तकनीकी दिमाग का खेल यही समाप्त नहीं होता है। वाट्सएप व टेलीग्राम जैसे मैसेंजर किस तरह कार्य करते हैं। उन्होंने इस पर स्टडी करने के साथ ही खुद का एक मैसेंजर तैयार किया है। हालांकि उनका मैसेंजर अभी कॉलेज के कंप्यूटर लैब और टीचर्स व छात्रों के बीच तक सीमित है। दरअसल उन्होंने लैब में एक कंप्यूटर को सर्वर के रूप में अपडेट किया और बाकी के दूसरे कंप्यूटर्स को जोड़ दिया। लैब में टीचर व स्टूडेंट आपस में मैसेंजर के जरिए ही बात करते हैं।


विशेष उपलब्धि पुरस्कार से हुए पुरस्कृत
आनंद को कॉलेज से इस कार्य के लिए विशेष उपलब्धि के रूप में पुरस्कृत किया जा चुका है। कॉलेज संचालक बीएन त्रिपाठी के मुताबिक छात्र की इस उपलब्धि को राज्य स्तर पर प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। छात्र के इस कार्य को एलआईसी एजेंटों के लिए यूनिक माना जा रहा है।



टेक्निकल माइंड का राज है अध्यापन की बदली तकनीक
छात्रों में बढ़ते तकनीकी माइंड का राज कुछ और नहीं, बल्कि अध्ययन-अध्यापन की बदली तकनीकी का नतीजा है। जी हां समय के साथ स्कूल से लेकर कॉलेज व विश्वविद्यालय स्तर पर पठन-पाठन का तरीका बदल रहा है। स्कूल शिक्षा स्तर पर जिले में एक नहीं कई शिक्षक तकनीकी व प्रयोग आधारित शिक्षा के लिए राज्य स्तर तक चर्चा में रहते हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय मार्तण्ड क्रमांक एक की शिक्षिका वंदना तिवारी उनमें से एक हैं। विभाग के 'जादू नहीं विज्ञान है प्रोजेक्ट के तहत विशेष ट्रेनिंग के लिए पूर्व चयनित वंदना गुप्ता कक्षा में प्रयोग आधारित अध्यापन कार्य के लिए चर्चित है। ज्यादातर कक्षाओं में वह प्रयोग सामग्री के साथ ही प्रवेश करती हैं। इतना नहीं पढ़ाने की उन्नत तकनीकी के चलते ही उन्हें शिक्षकों के तकनीकी आधारित अध्यापन कार्य के प्रशिक्षण के लिए उन्हें जिले में विज्ञान विषय के कोर्स डायरेक्टर के रूप में चुना गया है।

छात्रों को अब मिलेगी टिंकरिंग लैब की सुविधा
प्रयोग और प्रोजेक्टर तक पहुंच चुका अध्ययन-अध्यापन का तरीका अब और अपडेट होने जा रहा है। जिले के कई विद्यालयों में टिंकरिंग लैब खोले जाएंगे। केंद्र सरकार की योजना के तहत २० लाख रुपए की लागत से खोले जाने वाले इस लैब की सुविधा दूसरे विद्यालय के छात्रों को भी मिल सकेगी।लैब में छात्रों के सीखने और प्रयोग करने के लिए हर वह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी उन्हें जरूरत महसूस होगी। शिक्षा अधिकारियों की मुताबिक पिछले वर्ष से शुरू हुई यह कवायद अंतिम दौर में है। जल्द स्कूलों में टिंकरिंग लैब की सुविधा मुहैया होने लगेगी।


स्कूल-कॉलेजों के शिक्षक भी किए जा रहे अपडेट
छात्रों को तकनीकी आधारित ज्ञान मिले, इसको लेकर स्कूल से लेकर कॉलेज व विश्वविद्यालय स्तर के तक शिक्षकों को अपडेट किया जा रहा है। सीबीएसई की ओर से अभी शिक्षकों की ट्रेनिंग पूरी हुई है तो प्रदेश के शासकीय स्कूलों के शिक्षकों की ट्रेनिंग 14 मई से शुरू होने जा रही है। शिक्षकों की यह ट्रेनिंग पूरे एक महीने तक चलेगी। कॉलेज व विश्वविद्यालय स्तर पर भी प्राध्यापकों को एकेडमिक कॉलेज की ओर से विशेष ट्रेनिंग दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

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