कविता की कांग्रेस में वापसी, अब बनेंगी प्रदेश महिला प्रभारी सचिव || REWA NEWS

रीवा. पूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम रीवा एवं समाजसेवी कविता पाण्डेय की कांग्रेस में 4 साल बाद वापसी हो गई है। चुनाव नजदीक है, यह देखते हुए कांग्रेस और भाजपा दोनों अपने रूठे हुए नेताओं को मनाने में लग गए हैं। इसी तारतम्य में गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कविता पाण्डेय का निलंबन रद्द कर पुनः कांग्रेस की सदस्यता दिलवाई है। इसके साथ ही अब कांग्रेस चुनाव के मद्देनजर क्षेत्रों में अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। इसके लिए अब प्रदेश में जातिगत व क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठन में पदाधिकारियों की नियुक्तियां की जा रही हैं। यही नहीं पार्टी का जोर अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने पर भी है।

इसके तहत अब संगठन में वर्तमान अध्यक्ष के साथ ही चार कार्यकारी अध्यक्षों को नियुक्ति किए जाने की चर्चा है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी छह अंचलों को जोन के रूप में विभक्त कर अलग-अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इनकी मदद के लिए केन्द्र से चार सचिवों को भी प्रदेश में तैनात किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी महीने महिला कांग्रेस में यह सिस्टम लागू किया जा सकता है।

विन्ध्य की ओर से कविता हो सकती है प्रभारी सचिव
बता दें 4 वर्ष पूर्व कविता को कांग्रेस ने महापौर प्रत्यासी के रूप में टिकेट नहीं दी, और कविता को पार्टी से निलंबित कर दिया, कविता ने निर्दलीय चुनाव लड़कर दुसरे स्थान में आकर अपना डंका पीटा था, अब कविता की कांग्रेस में वापसी हो चुकी है, आगामी चुनाव के मद्देनजर कविता को विन्ध्य का प्रभारी सचिव बनाया जा सकता है। चुनाव के 6 माह पहले आख़िरकार भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों को अपने रूठे नेताओं की सुध आने लगी है।

ये तय किए गए जोन
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव के बाद अब उसी व्यवस्था को कांग्रेस की दूसरी शाखाओं में भी लागू करने की तैयारियां चल रही हैं। इस तरह के संकेत अब तक हुई बैठकों में पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ और एआईसीसी पदाधिकारी भी दे चुके हैं। महिला कांग्रेस द्वारा प्रदेश को छह जोन में बांटे जाने की तैयारी है। इसमें मालवा, निमाड़, ग्वालियर-चंबल, महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड शामिल हैं। इसी तरह जिलों में भी समन्वयक बनाए हैं और विस क्षेत्रों के प्रभारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मांडवी चौहान का कहना है कि विस क्षेत्रों के प्रभारियों को लेकर काम चल रहा है।

बन चुकी है सहमति
वहीं अखिल भारतीय महिला कांग्रेस भी मप्र विस चुनाव के मद्देनजर चार सचिवों को और भेजने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी और एआईसीसी के बीच चर्चा भी हो चुकी है। एआईसीसी महिला कांग्रेस के चार सचिवों को मप्र भेजने और उन्हें पीसीसी के प्रभारी सचिवों की तरह काम बांटा जाएगा। हालांंकि इस संबंध में फैसला मई के अंतिम सप्ताह में होने के आसार हैं।

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