कांग्रेस ने कहा : हमें इतनी सीट जीतने से कोई नहीं रोक सकता | MP NEWS


भोपाल। मप्र में15 वर्षों से सत्ता से विमुख कांग्रेस आगामी चुनाव में सत्ता हथियाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। इसके लिए कांग्रेस सत्तारूढ़ संगठन भाजपा को परास्त करने के लिए नई-नई रणनीति बना रही है। दरअसल, जब से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ बने हैं, तब से भाजपा को चौथी बार सत्ता में आने के लिए संकट नजर आने लगा है। वहीं कांग्रेस अभी से भाजपा की 70 सीटें जीतने का दावा कर रही है।

कमलनाथ ने 70 सीटों की जीत का दावा किया, जिसके बाद बीजेपी के खेमे में हलचल तेज हो गई। कमलनाथ ने इन सीटों का जिक्र तो नहीं किया, लेकिन बीजेपी ने अंदरखाने में कमजोर सीटों को साधने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए सीएम शिवराज सिंह और राकेश सिंह की रैलियों की तैयारियां भी शुरू कर चुके हैं।

चुनाव आने में करीब 6 महीने का वक्त है, लेकिन दोनों पार्टियों ने अंदरखाने में तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। भाजपा 15 साल से सत्ता में है, जबकि कांग्रेस बीती 2 बार की तरह जीत के लिए हाथ पैर मारने में लगी है। कमलनाथ ने 70 सीटों का जिक्र करते हुए कहा कि इन सीटों पर ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं है। बाकी सीटों पर फोकस करना है खासकर उन पर जहां कांग्रेस 3 से ज्यादा बार हार चुकी है। कमलनाथ के इस बयान के बाद भाजपा सक्रिय हो गई है।

वर्तमान स्थिति

मध्य प्रदेश की 230 विस सीटों में वर्तमान में कांग्रेस 57 पर काबिज है।
बीते 2013 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी-कांग्रेस की सीधी टक्कर वाली 12 सीटों पर -बीजेपी बेहद कम अंतर से जीती है।
माना जा रहा है कि इन्हीं सीटों पर कांग्रेस अपनी जीत सुनिश्चित मान रही है।
हालांकि सीधी टक्कर वाली 7 सीटों पर कांग्रेस और 2 सीटों पर बीएसपी बेहद कम मार्जिन से जीती है।
40 सीटों पर कांग्रेस बीते 3 बार से नहीं जीत सकी है।
भाजपा दे रही विशेष ध्यान

हालांकि, कांग्रेस ने बीजेपी को सीधी चुनौती दी है। कांग्रेस के मुताबिक वो इन चुनावों में प्रदेश में दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। वहीं भाजपा ने इन सीटों पर अतिरिक्त फोकस करना शुरू कर दिया है। आने वाले समय में भाजपा इन विधानसभाओं में सीएम शिवराज सिंह और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की रैली प्लान करने में लगी है। जाहिर है कि भाजपा की लड़ाई 200 पार की है तो इस आंकड़े को छूने के लिए पहले अपने किले को मजबूत करना होगा, फिर विपक्ष के किले को ध्वस्त करने की ओर सेना आगे बढ़ेगी। वहीं कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं है लिहाजा पाने की चाहत में कांग्रेस पूरा जोर लगा रही है।

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