इस लिखित परीक्षा को पास करोगे तभी मिलेगा भाजपा से टिकट | MP NEWS


भाजपा से विधायकी का टिकट हासिल करना इस बार MP में बहुत कठिन कार्य होगा। पार्टी विधानसभा चुनाव के टिकट देने से पहले चार स्तर पर सर्वे करवाएगी। इन चारों सर्वे में जो नाम आएंगे, उन पर प्रदेश के बड़े नेताआें की सहमति के बाद ही टिकट मिल सकेगा।
संगठन सर्वे की प्रक्रिया अगस्त तक पूरी कर लेगा, ताकि उसके बाद जिनके टिकट बिना किसी विवाद के तय होते हैं उन्हें तैयारी करने के लिए समय मिल सके।
भाजपा करा चुकी है मिडटर्म सर्वे
पिछले साल अक्टूबर में पार्टी अपने सभी विधायकों के कामकाज और छवि का फीडबैक जानने के लिए एक सर्वे करा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक इस सर्वे में लगभग 70 विधायकों की स्थिति संतोषजनक नहीं थी।
इसमें शिवराज कैबिनेट के कुछ मंत्री भी शामिल थे। संभावना है कि इनमें से कई के टिकट पार्टी काट सकती है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से वन-टू-वन चर्चा का सिलसिला शुरू किया था। और खराब परफार्मेंस वाले विधायकों को तत्काल सुधार की हिदायत भी दी थी।
इन चार स्तरों पर होगा सर्वे

- प्रदेश संगठन करेगा रायशुमारी : पार्टी हर जिले में अपने पदाधिकारियों की एक टीम भेजेगी। यह टीम जिले की विधानसभा सीटों के सभी दावेदारों के बायोडाटा लेगी और उनसे चर्चा करेगी। इस दौरान जिला अध्यक्ष, संभागीय संगठन महामंत्री, जिला प्रभारी और पूर्णकालिक विस्तारक भी अपनी राय देंगे। इस आधार पर टीम अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति को सौंपेगी।

- सीएम के स्तर पर सर्वे : मुख्यमंत्री और भाजपा के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के स्तर पर एक अलग से हर विधानसभा सीट का सर्वे जल्द शुरू होने वाला है। इसमें वर्तमान विधायक, पिछला चुनाव हारे प्रत्याशी के साथ ही अन्य दावेदारों पर फीडबैक लिया जाएगा।

- केंद्रीय संगठन ले रहा जमीनी हकीकत : भाजपा के केंद्रीय संगठन ने हर विधानसभा सीट पर सियासी समीकरण और पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के लिए अपने स्तर पर फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस काम को सीधे राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल देख रहे हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश संगठन में पहले अहम भूमिका निभा चुके अरविंद मेनन को भी जोड़ा गया है।

- टीम शाह जल्द करेगी सर्वे : टिकट वितरण में सबसे अहम कड़ी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की टीम का सर्वे होगा। सूत्रों के मुताबिक इस सर्वे को शाह आउटसोर्स करवाएंगे और इसकी रिपोर्ट काफी अहम रहेगी। इसके बाद भी प्रदेश के बड़े नताआें की पसंद और प्रदेश चुनाव समिति की सहमति भी देखी जाएगी।
सभी राजनीतिक दल चुनाव में प्रत्याशी चयन से पहले उनकी जमीनी स्थिति और जीत की संभावना के लिए फीडबैक लेते हैं। भाजपा भी अगले चुनाव में हर विधानसभा सीट के लिए जीतने वाले उम्मीदवार के चयन के लिए कई प्रक्रिया अपनाएगी। सर्वे भी उसका एक हिस्सा है।
- राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा<

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