प्लेसमेंट के लिए चयनित हुये रीवा सहित ये 15 जिले, 1 साल में 1 लाख नौकरी देने का वादा | MP NEWS


भोपाल | कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दीपक जोशी की मौजूदगी में राज्य मंत्रालय में प्रदेश के रोजगार विभाग और यशस्वी एकेडमी फॉर टेलेन्ट मैनेजमेंट प्रालि पुणे के बीच पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के आधार पर रोजगार कार्यालयों के प्लेसमेंट सेंटर के रूप में उन्नयन के लिए करारनामे (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
जोशी की मौजूदगी में हुआ एमओयू, पीपीपी मोड पर विकसित होंगे रोजगार कार्यालय
रोजगार विभाग की ओर से संचालक संजीव सिंह और एकेडमी की ओर से संचालक विश्वेष कुलकर्णी ने करारनामे पर हस्ताक्षर किए। इन रोजगार कार्यालयों पर प्रति वर्ष एक लाख युवाओं को नौकरी देने का जिम्मा है। राज्य मंत्री जोशी ने कहा कि इस करारनामे से चयनित 15 जिला मुख्यालयों पर बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करवाने के कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित होंगे।
प्लेसमेंट सेंटर के लिए चयनित जिले
प्रदेश में जन-भागीदारी आधार पर रोजगार कार्यालयों को प्लेसमेंट सेंटर के रूप में प्रोजेक्ट करने के लिये 15 जिले चयनित किए गए हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, सागर, उज्जैन, होशंगाबाद, शहडोल, धार, खरगौन, देवास, सिंगरौली, सतना एवं कटनी जिले शामिल हैं।
पीपीपी मोड का मुख्य उद्देश्य
यह कंपनी आधुनिक प्लेसमेंट सेंटर्स को नियोजित एवं क्रियान्वित करेगी। कम्पनी द्वारा युवाओं को निजी क्षेत्र में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, सीवी लेखन तथा बाजार की अद्यतन मांग आदि की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जायेगी। पीपीपी मोड के अंतर्गत बाजार की मानव संसाधन मांगों का आकलन एवं विश्लेषण किया जाएगा और बेरोजगार युवाओं की कॅरियर काउंसिलिंग की जाएगी।
युवा बेरोजगारों को बाजार की मांगों के अनुसार तैयार करने के साथ-साथ रोजगार मेले एवं कॅरियर काउंसिलिंग सत्रों का आयोजन होगा। इसके अलावा, स्थानीय नियोजकों से समन्वय कर आवेदकों को संबंधित जिलों में रोजगार उपलब्ध करवाया जायेगा। इस मौक पर मप्र राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण के अध्यक्ष हेमन्त विजय राव देशमुख, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार अशोक वर्णवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुखबीर सिंह एवं अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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