इस नेता ने दिया चौका देने वाला बयान कहा-SP, BSP और कांग्रेस अगर मिल गयी तो ये होगा भाजपा का हाल | MP NEWS


भोपाल। चुनावी साल में कोलारस और मुंगावली जैसे उपचुनाव में पूरी ताकत झोंकने के बावजूद हार के बाद भाजपा का मानना है कि पार्टी चौथी बार मध्यप्रदेश की सत्ता पर काबिज होने में कामयाब होगी। प्रदेश में सत्ता पाने के लिए कांग्रेस बसपा, सपा के अलावा नर्मदाअंचल के आदिवासी क्षेत्र में पकड़ रखने वाली गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन की तैयारियों में जुटी है।
इस तरह की संभावनाओं को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान कहते हैं कि ये आने वाले समय की बात है और इस पर अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। तीसरा विकल्प प्रदेश में तैयार होने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा है कि अगर बसपा और सपा भी कांग्रेस का साथ देते हैं, तो शिवराज सिंह के नेतृत्व में बीजेपी चौथी बार सरकार बनाने में कामयाब होगी।  
स्पष्ट नहीं गठबंधन
हालांकि राजनीतिक हलकों में चल रही सुगबुगाहट पर गौर करें तो कांग्रेस बसपा, सपा के अलावा नर्मदाअंचल के आदिवासी क्षेत्र में पकड़ रखने वाली गौंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन की तैयारियों में जुटी हुई है। कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है और चर्चा है कि गौंडवाना गणतंत्र पार्टी ने हामी भी भर दी है। हालांकि इस गठबंधन का स्वरूप क्या होगा, इस पर अभी कुछ साफ नहीं है।
वहीं दूसरी तरफ सपा और बसपा से गठबंधन को लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता लगातार मायावती और अखिलेश के संपर्क में है। चर्चा है कि फिलहाल दोनों ने बीजेपी को हराने के नाम पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। मप्र कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया भी पिछले दिनों इस समीकरण के बारे में बात कर चुके हैं और उनका कहना है कि कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए जो ठीक होगा, वो कदम उठाया जाएगा। हालांकि उन्होंने मीडिया से इस तरह की बातें साझा करने से इंकार किया है।  कांग्रेस सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल के अलावा, बुंदेलखंड और बघेलखंड की उन सीटों पर बीजेपी और सपा से गठबंधन के प्रयास तेज कर दिए हैं। जिन सीटों पर कांग्रेस को बसपा और सपा को ज्यादा वोट मिल जाने के कारण हार का सामना करना पड़ता और त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बनती है।
गौंडवाना गणतंत्र पार्टी थाम सकती है कांग्रेस का हाथ
 बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों दलों के प्रभाव से नुकसान कांग्रेस को होता है। वहीं कांग्रेस उन सीटों को दोनों दलों पर देने का विचार कर रही है, जहां इन दलों की मजबूत स्थिति है। दूसरी तरफ नर्मदा अंचल के आदिवासी इलाकों में गहरी पैठ बना चुके गौंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी लगभग कांग्रेस का हाथ थामने का फैसला कर लिया है। हालांकि कई पहलुओं पर मंथन जारी है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी को हराने के लिए मध्यप्रदेश चुनाव में सपा और बसपा कांग्रेस से हाथ मिला सकते हैं। दरअसल कांग्रेस की हार में पिछले तीन चुनावों में इन दोनों दलों की अहम भूमिका रही है। क्योंकि उत्तरप्रदेश से लगे इलाकों में इन दलों का प्रभाव अच्छा है और ये कांग्रेस की वोट काटकर भाजपा को फायदा पहुंचाने का काम करते हैं।

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