10 को OBC नहीं करेगा ‘भारत बंद’ का समर्थन, कहा: सवर्ण समाज हमें SC/ST से लड़ाना चाहता है || REWA NEWS



रीवा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 20 मार्च को एससी/एसटी एक्ट में संशोधन किया था। जिसके विरोध में दलितों ने 2 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया था। दलितों का यह बंद एक उग्र आंदोलन में तब्दील हो गया, जिसमें 14 लोगों की जाने चली गई, कई गंभीर हुए तथा देश की अरबों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। 

इस पर 10 अप्रैल को अन्य समाज ने मिलकर भारत बंद का आह्वान किया। जिस पर ओबीसी समाज ने आपत्ति जाहिर की है। उनके द्वारा कहा गया है कि हमारे द्वारा 10 अप्रैल को भारत बंद का काई समर्थन किसी भी समुदाय को नही दिया जा रहा है। 



अखिल भारतीय ओबीसी महासभा द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग समाज 10 अप्रैल को भारत बंद का समर्थन नही करेगा, इसमें हमारा कोई लेना देना नही है। जनरल कटेगरी वालों ने बिना हमारी सहमति के हमारे समाज का नाम जोड़ दिया, जो गलत है। बिना मतलब के हमारा नाम जोड़ा जा रहा है, हमारे द्वारा किसी भी तरह का ऐलान नही किया गया है और न ही किसी से कोई बात की गई है। हम 10 अप्रैल को भारत बंद का समर्थन नहीं करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश डायमंड ने अपील की है कि ओबीसी समाज किसी के बहकावे में न आए और ना ही रैली में जावे। 

डायमंड ने बताया ओबीसी संविधान के अनुसार जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण लागू है। हमें अपना अधिकार समझना चाहिए एवं बिना जानकारी के कोई मैसेज सोशल मीडिया में फारवर्ड न करें। यह सवर्णों की चाल है, वे ओबीसी के कंधे में बंदूक रखकर एससी/एसटी को लड़ाना चाहते हैं। डायमंड ने कहा ओबीसी, एससी/एसटी एक साथ हैं। बैठक में पुष्पराज सिंह, नारेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह, संतकुमार पटेल समेत पदाधिकारी मौजूद रहें। 


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