सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल के बाद अब रीवा को मिली अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल की सौगात || REWA NEWS



रीवा। सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के बाद विन्ध्यवासियों को रीवा में अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल की सौगात भी मिल गई। प्रबंधन ने इसका प्रपोजल प्रदेश शासन के पास भेज दिया है, जिसमें अंतिम मुहर लगनी बांकी है। संभावना है कि 15 अगस्त तक यह अस्पताल मरीजों को सेवाएं देने लगेगा। 

बता दें रीवा में सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य आखिरी पड़ाव पर है, जो इस वर्ष ही अपनी सेवाएं देने लगेगा। इसके आने के बाद रीवा में ही कैंसर यूनिट की आवश्यकता महसूस हुई। जिसका जिम्मा भी उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अपने ऊपर लिया, एवं रीवा में अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का निर्माण कराए जाने का प्रपोजल राज्य शासन को भेज दिया। इस अस्पताल के निर्माण के लिए 5500 वर्गफीट भूमि की आवश्यकता थी, जिसे भी पूरा कर लिया गया है। 

पुराने अधीक्षक बंगला में बनेगा कैंसर अस्पताल
अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल के लिए भूमि की तलाश भी समाप्त हो गई है। प्रबंधन ने इसे गांधी अस्पताल के प्रांगण में बने पुराने अधीक्षक बंगला में बनाने का निर्णय लिया है। आराजी क्र0-378 रकवा 2.43 हे0 भूमि को चिन्हित किया गया है। साथ ही जरूरत पड़ने पर वहां पर मौजूद शुलभ काम्प्लेक्स को गिराकर उसमें भी अस्पताल के लिए निर्माण कार्य कराया जाएगा। अस्पताल प्रांगण में ही कैंसर अस्पताल के निर्माण हो जाने से गांधी चिकित्सालय, संजय गांधी स्मृत चिकित्सालय, सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल सभी एक ही क्षेत्र में आसपास हो जाएंगे, जिससे मरीजों को दूर जाने ले जाने जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

लीनियर एक्सलेरेटर से लैस होगा अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल
प्रबंधन ने बताया कि अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल लीनियर एक्सलेरेटर से लैस होगा। अभी यह सेवाएं मात्र इंदौर और भोपाल शहर के निजी चिकिस्तालयों में मिल रही है। प्रदेश के किसी भी शासकीय अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नही है। 

क्या है लीनियर एस्सलेरेटर
लीनियर एस्सलेरेटर के माध्यम से छोटे से छोटा कैंसर पकड़ में आ जाता है, इतना ही नहीं इससे निकलने वाली किरणें कैंसर को कोशिकाओं के अंदर ही सुखा देती है, जिससे उनका इलाज होना संभव हो जाता है, जबकि अन्य मशीनों में ये सुविधाएं उपलब्ध नही हो पाती। 

इस सर्वसुविधायुक्त वातानुकूलित अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल के रीवा में बन जाने से इसका लाभ समूचे विन्ध्यवासियों को मिल सकेगा, साथ ही उन्हे इलाज के लिए किसी अन्य शहर के निजी अस्पतालों का सहारा नही लेना पड़ेगा और इलाज में खर्च होने वाले लाखों रूपए एवं समय की बचत होगी। 

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