शिवराज सरकार का बड़ा फैसला : विधवा विवाह पर अब मिलेंगे इतने लाख रूपए , तलाक हुआ तो...| MP NEWS


भोपाल। प्रदेश में 5 अप्रेल के बाद विधवा होने वाली महिलाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी की गई गाईडलाइन और उनके सहायता प्रावधानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन विभाग द्वारा 6 अप्रेल से प्रभावी किए गए आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार विधवा को कल्याणी के नाम से पुकारेगी और उसके पुनर्विवाह की दशा में उसे दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता कल्याणी योजना के अंतर्गत देगी। इस मामले में विवादास्पद बात यह है कि अगर दोबारा विवाह के बाद सात साल के भीतर कल्याणी का अपने पति से तलाक या विवाह विच्छेद हो जाएगा तो राज्य सरकार दो लाख रुपए की दी गई सहायता राशि की वसूली कल्याणी से करेगी।  


सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विधवा महिलाओं के प्रति सम्मान दर्शाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें कल्याणी नाम दिए जाने के चलते नए प्रावधान किए गए हैं। अब विधवा महिलाओं को कल्याणी कहा जाएगा और उनके नाम से शुरू की गई योजना को मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना का नाम दिया गया है। इसमें कहा गया है कि कल्याणी की आर्थिक सुरक्षा के लिए 18 से 79 साल तक ऐसी महिलाओं को 300 रुपए प्रतिमाह और 80 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को 500 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। इन्हें सहायता देने के लिए जिले में कलेक्टर अधिकृत होंगे। कल्याणी के विवाह प्रोत्साहन के लिए दो लाख रुपए की राशि विवाह के उपरांत कल्याणी के ही खाते में जमा होगी पर सात साल से पहले पति से संबंध विच्छेद होने पर इस राशि की वसूली सरकार द्वारा कल्याणी के खाते से ही की जाएगी।

कल्याणी योजना के लाभ के लिए ये भी शर्ते
महिला को लाभ तभी मिलेगा जब वह मध्यप्रदेश की मूल निवासी हो।
कल्याणी की न्यूनतम आयु 18 साल या उससे अधिक और उसके मृत हो चुके पति की उम्र 21 वर्ष या अधिक हो।
कल्याणी को परिवार पेंशन न मिल रही हो।
कल्याणी का जिस व्यक्ति से विवाह होना है, उसकी पत्नी जीवित न हो।
कल्याणी के बच्चे नाबालिग हों तो उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी पुनर्विवाह के बाद उसकी व उसके पति की होगी।
कल्याणी का विवाह अगर मुख्यमंत्री कन्या विवाह या मुख्यमंत्री निकाह योजना में होगा तो उसे सिर्फ कल्याणी विवाह सहायता योजना का लाभ मिलेगा

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