भारत बंद को लेकर अब तक की सबसे बड़ी खबर, यहां उग्र हुआ आंदोलन | MP NEWS


भोपाल। 2 अप्रैल के बंद के दौरान मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में जमकर हिंसा भड़की थी। इस दौरान मध्य प्रदेश के भिंड और मुरैना में 8 लोगों की जान भी चली गई थी। 10 अप्रैल को भी कुछ ऐसे ही हालातों को देखते हुए कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस बीच सोशल मीडिया पर कई जगहों से हिंसा की खबरें आ रही हैं, हालांकि हम आपको बता दें कि इनमें से ज्यादातर अफवाह हैं और इस तरह की खबरों पर इंटेलिजेंस की नजर बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर किया गया 10 अप्रैल को बंद का आह्वान मध्यप्रदेश के ज्यादातर इलाकों में नहीं दिखा। सभी बड़े शहरों में लगभग सभी प्रतिष्ठान खुले रहे। पिछली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर के कुछ थाना क्षेत्रों में ऐहतियात के तौर पर कर्फ्यू लगाया गया है। वहीं भिंड और मुरैना में भी पुलिस अलर्ट पर है। आपको बता दें कि पूरे प्रदेश में 15 हजार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

इन इलाकों में जारी है पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च
बंद को देखते हुए मध्यप्रदेश के कई जिलों के संवेदनशील इलाकों में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, मंदसौर, नीमच, देवास शाजापुर, आगर-मालवा में पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है। सड़क पर ग्रुप पर निकलने पर मनाही है। यदि हर आने-जाने वालों पर नजर रखे हुए है। संदेह होने पर पुलिस तलाशी भी ले रही है।
गृह मंत्री के बंगले में बनाया कंट्रोल रूम
संभावित बंद को देखते हुए गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह के बंगले पर भी एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। गृह मंत्री के घर पर बनाया गया यह कंट्रोल रूम सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से सीधा संपर्क में रहेगा और मैदानी स्थिति का जायजा लेगा। गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बेहतर समन्वय और सतर्कता के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है, साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।

इतनी फोर्स तैनात है प्रदेश में
84 कंपनी - विशेष सशस्त्र बल
18 कंपनी - डीजी रिजर्व
8 कंपनी - क्विक रिएक्शन फोर्स
5 कंपनी - स्पेशल टास्क फोर्स
4 कंपनी - रैपिड एक्शन फोर्स
6250 जवान - हाल ही में ट्रेनिंग पूरी करने वाले।
हो रही है इंटरनेट पेट्रोलिंग
बंद को लेकर पुलिस-प्रशासन चौकन्ना है। भोपाल समेत सभी महानगरों में पुलिस व क्राइम ब्रांच ने पुख्ता तैयारियां की हैं। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट डालने वालों पर क्राइम ब्रांच नजर रखे हुए है। इसके लिए साइबर सेल की एक टीम इंटरनेट पेट्रोलिंग कर रही है। वहीं प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि सभी स्कूल, बाजार खुले रहेंगे। सोशल मीडिया पर कोई गलत संदेश नहीं चलाए, इसके लिए धारा 144 लगी है।

सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था मध्यप्रदेश
आपको बता दें कि दलित आंदोलन में मध्यप्रदेश सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ था। यहां आठ लोगों की मौत हुई थी। हिंसा के केंद्र रहे ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों में कर्फ्यू है। स्कूल-कॉलेज, बैंक, सरकारी कार्यालय बंद रखे गए हैं। इंटरनेट भी 48 घंटे तक बंद कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों सुबह से तैनात है और कई इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च कर रही है। इंदौर-भोपाल सहित कई जिलामें में धारा 144 लागू है। सागर में भी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है।
फिलहाल ये है प्रदेश का हाल
कटनी
अप्रैल 10 अप्रैल के संभावित बंद के चलते शहर में पुलिस बल तैनात हैं जगह जगह पुलिसकर्मी मौजूद हैं स्टेशन चौराहे में माधव नगर व कोतवाली थाना प्रभारी मौजूद है।
शाजापुर
बंद का कोई असर नहीं। सामान्य रूप से खुले बाजार। एहतियात के तौर पर जगह-जगह पुलिस तैनात।
पिपरिया
भारत बंद को लेकर चौराहे पर पुलिस ने शांति बनाए रखने अपील का पोस्टर लगाए। सुबह से पुलिस एहतियात के तौर पर नजर रखे है।
डिण्डोरी
बंद के चलते सुबह से सन्नाटा पसरा हुआ है बंद को लेकर किसी तरह के आवाहन नही होने से फिलहाल व्यपारियो में असमंजस की स्थिति है। भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासन के अमले की मौजूदगी सड़कों पर है।
अनूपपुर
अनूपपुर के मुख्य बाजार में बंद का असर। लगभग 80 फीसदी दुकाने बंद। सिर्फ मेडिकल, भोजनालय, और फ्रूट की दुकानें खुली हैं।
सागर
सुबह से ही ड्यूटी पर पहुंचा पुलिस बल। एएसपी रामेश्वर सिंह ने संभाला मोर्चा। बम डिस्पोजल और डॉग स्क़वाड के साथ शहर में उतरा पुलिस बल। वज्र, क्यूआरएफ भी तैनात।
राजगढ़
बन्द का कोई असर नही, पुलिस तैनात पर दुकानें खुली है। जबकि सभी समाज के प्रमुख लोगों द्वारा कल ही बाजार खुला रखने की अपील की गई थी।
सतना
स्थिति सामान्य। हर चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात, पुलिस अधिकारी भी लगातार गश्त कर रहे हैं।

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