चुनाव नजदीक, पर MP कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के बीच नहीं बैठ पा रहा तालमेल || MP NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया के बीच सामंजस्य की कमी की स्थिति बनी हुई है जिसके चलते बाबरिया का एक और फैसला पलट गया है।
इस बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आंबेडकर जयंती से संविधान बचाओ अभियान के मप्र से शुरू किए जाने की चर्चा मूर्त रूप नहीं ले सकी। इस प्रोग्राम को लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को जानकारी तक नहीं थी और गुरुवार को दोपहर में जब कार्यक्रम निरस्त नहीं हुआ था तब तक वे प्रोग्राम के लिए स्थान की तलाश में भटकते रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सचिव से महासचिव बनाए जाने के बाद पहले प्रभार के रूप में दीपक बाबरिया को सितंबर 2017 में मप्र की जिम्मेदारी मिली थी। उनकी कार्यशैली को लेकर प्रदेश के नेता मौके-बे-मौके अपनी नाराजगी जता चुके हैं।
उन्होंने विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के लिए 60 साल से ज्यादा के उम्र की आयु सीमा की शर्त लगाने का प्रयास किया था जिसका प्रदेश के बड़े नेताओं ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से विरोध किया और उनकी यह शर्त लागू नहीं हो सकी।
फिर उन्होंने विधानसभा टिकट का दावा करने वालों को संगठन के पदों को छोड़ने की शर्त लागू करने की कोशिश की और वह भी अमलीजामा नहीं ले सकी। फरवरी के अंत में पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव की मौजूदगी में उन्होंने टिकट के दावेदारों से 25 व 50 हजार रुपए जमा कराने की शर्त का पत्रकार वार्ता में ऐलान किया था जिसे दिल्ली में प्रदेश के बड़े नेताओं ने नामंजूर कर दिया।
फैसलों पर सार्वजनिक टिप्पणी से बच रहे नेता
सूत्रों का कहना है कि इन सभी फैसलों का प्रदेश प्रभारी महासचिव बाबरिया ने स्वयं ऐलान किया था जिससे प्रदेश के बड़े नेताओं के अलावा पीसीसी के पदाधिकारी भी नाखुश थे। हालांकि नेता खुलकर प्रदेश प्रभारी के फैसलों सार्वजनिक टिप्पणी से करने से बच रहे हैं लेकिन दबी जुबान में फैसलों के पलटने से बाबरिया की छवि खराब होने की बातें जरूर करने लगे हैं।
टिकट के दावेदारों से राशि लेने की शर्त पर तो नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपनी असहमति जताई थी। 60 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को टिकट से रोकने का भी कुछ वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जताई थी तो बाबरिया को दूसरे दिन ही सफाई देना पड़ी थी।
सुझाव था लेकिन समय के कारण स्थगित किया
राहुल गांधी ने सुझाव दिया था कि एआईसीसी मप्र में आंबेडकर जयंती पर कोई कार्यक्रम लांच करना चाहती है तो आप लोग तैयार हैं। हमने स्वीकृति दी थी लेकिन बाद में यह तय हुआ कि समय कम है तो अभी नहीं किया जाए। इस कारण कार्यक्रम निरस्त हुआ। पीसीसी से सामंजस्य की कोई समस्या नहीं है। 
- दीपक बाबरिया, महासचिव एआईसीसी व प्रदेश प्रभारी

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