अब प्रदेश की राजनीतिक यात्रा पर निकलेंगे दिग्विजय सिंह || MP CONGRESS NEWS


इंदौर। नर्मदा परिक्रमा पूरी करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी अगली रणनीति का खुलासा किया। वे अब प्रदेश में राजनीतिक यात्रा निकालेंगे। इसके लिए उन्होंने हाईकमान से अनुमति मांगी है, हालांकि अभी उन्हें मंजूरी नहीं मिली है।
इस यात्रा के लिए सिंह ने महेश जोशी, रामेश्वर नीखरा जैसे पुराने नेताओं को भी जोड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश में चुनाव नहीं लड़ना है और न ही मुख्यमंत्री बनना है। प्रदेश में कांग्रेस एकजुट होना चाहिए। यात्रा के जरिये हम नेताओं के आपसी मतभेद दूर करेंगे और जनता के बीच भी अपनी बात रखेंगे।
मंगलवार को इंदौर में सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसान परेशान हैं। मजदूरों के पास रोजगार नहीं है। अब जनता बदलाव चाहती है। प्रदेश में कई इलाके ऐसे हैं जहां कांग्रेस नेता एक-दूसरे से बात भी नहीं करते। यात्रा में हम 'संगत की पंगत" जैसे आयोजन करेंगे और सबको एक साथ बैठाकर मनमुटाव दूर करेंगे। प्रदेश में कांग्रेस द्वारा भावी मुख्यमंत्री का चेहरा प्रोजेक्ट किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला राहुल गांधी करेंगे।
नर्मदा भी रहेगी चुनावी मुद्दा
नर्मदा परिक्रमा के दौरान राजनीतिक सवालों के जवाब देने से बचने वाले सिंह ने अब नर्मदा के गिरते जलस्तर, उत्खनन, पौधारोपण जैसे मुद्दों को तरजीह देकर यह संकेत दे दिए कि इस बार कांग्रेस नर्मदा नदी को भी चुनावी मुद्दा बनाएगी।
उन्होंने आरोप लगाए कि एनजीटी की रोक के बावजूद नदी के तट पर मशीनों से रेत निकाली जा रही है और अवैध रेत खनन पर रोक के लिए सरकार दिखावे की कार्रवाई करती है। नर्मदा परिक्रमा के दौरान उन्हें किनारों पर पौधे नहीं दिखे, जबकि छह करोड़ पौधे लगाने का दावा किया गया।
उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए नर्मदा तट पर परिक्रमा पथ होना चाहिए। जो सहायक नदियां नर्मदा से जुड़ी हैं, वहां छोटे ब्रिज बनना चाहिए। खंबात की खाड़ी पार करते समय गुजरात सरकार ने परिक्रमा यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट की व्यवस्था तक नहीं की है। इस बारे में वे प्रधानमंत्री को सुझाव देंगे।

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