MP: भारत बंद हुआ हिंसक, 4 लोगों की मौत, दर्जनों जख्मी

भोपाल। एससी/एसटी कानून को कमजोर करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सोमवार को आहूत भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल जिलों के कई स्थानों पर भडक़ी हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई है, और कई अन्य घायल हो गए हैं। हालात बिगडऩे पर राज्य के कई हिस्सों में कफ्र्यू लगा दिया गया है, इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई है। 

चंबल क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) संतोष सिंह ने बताया, मुरैना और भिंड में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। लेकिन मौत के कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा, मुरैना शहर और भिंड के पांच कस्बों में कफ्र्यू लागू है। हालात पर बराबर नजर रखी जा रही है। दूसरी तरफ, ग्वालियर में दो वगरें के बीच हुए संघर्ष में दो व्यक्ति की मौत हो गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर ने कहा, हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है, कई अन्य घायल हुए हैं। 

उन्होंने कहा कि मौत के पीछे की वजह की पुष्टि अभी की जा रही है। वहीं, ग्वालियर के कलेक्टर राहुल जैन ने बताया, हिंसा की घटनाओं में कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने अभी तक मृतकों के बारे में कोई पुष्टि नहीं की है। पुलिस के अनुसार, ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन के हिंसक रूप अख्तियार कर लेने के बाद तीन थाना क्षेत्रों -थाटीपुर, गोला का मंदिर, मुरार- में कफ्र्यू लगा दिया गया है। इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में वाहनों में तोडफ़ोड़ और आगजनी की खबर है। हिंसा में कई सारे लोग जख्मी हुए हैं, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। 

राज्य की राजधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बड़ी संख्या में आंदोलनकारी जमा हैं। पुलिस उन्हें हटाने में नाकाम दिखाई दे रही है। सागर में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। आंदोलनकारियों ने कई जगह रेलगाडिय़ों को भी रोक दिया है। उल्लेखनीय है कि एससी/एसटी (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति) अधिनियम का दुरुपयोग रोकने के लिए हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश पारित किया था। न्यायालय के इस फैसले के विरोध में विभिन्न संगठनों ने सोमवार को दिनभर का भारत बंद आहूत किया है, जिसका मध्य प्रदेश में व्यापक असर हुआ है।

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