फिर शुरू हुई महाराजा और राजा के बीच कलह, दिग्विजय के बदले सुर पर ज्योतिरादित्य ने दिखाएं तेवर || MP NEWS


भोपाल। मप्र कांग्रेस में एक बार फिर सिंधिया और सिंह के बीच कलह शुरू हो गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह से बैर मिटाकर नए रिश्ते बनाने की काफी कोशिश की। सार्वजनिक स्थलों पर उनके पैर हुए, नर्मदा यात्रा में उनका झंडा भी उठाया परंतु दिग्विजय सिंह की चाणक्य बुद्धि से सिंधिया विरोधी चालें कम नहीं हुईं। नर्मदा परिक्रमा समाप्त होने से पहले उन्होंने सीएम कैंडिडेट के लिए कमलनाथ का नाम बढ़ा दिया। बस फिर क्या था ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी 'राजा' को 'महाराजा' वाले तेवर दिखा दिए। दिग्विजय सिंह की परिक्रमा के समापन समारोह में सारे दिग्गज आए लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं पहुंचे। यहां तक कि सिंधिया ने ट्वीटर पर दिग्विजय सिंह के लिए 2 शब्द तक नहीं लिखे। 

लोकल मीडिया की खबरों के अनुसार नरसिंहपुर के बरमान घाट पर सजे मंच पर दिग्गविजय सिंह ने एक तरह से अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाया। कांग्रेस सांसद कमलनाथ और कांतिलाल भूरिया सहित कई बड़े कांग्रेसी नेता शामिल हुए। कमलनाथ ने भाषण में दिग्विजय सिंह के साथ उनके संबंधों की गहराई को खुलकर बयां किया। कमलनाथ के भाषण में दोनों के बीच पक्की होती दोस्ती की झलक दिखाई दे रही थी। 

ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुपस्थिति रही चर्चाओं में
पूरे आयोजन में जहां दिग्विजय सिंह को बार बार 'राजा साहब' कहकर संबोधित किया गया। तारीफ में कसीदे गढ़ गए। अपील की गई वो अब वो मध्यप्रदेश की कमान संभालें। जताया गया कि वही अकेले हैं जो कांग्रेस की किस्मत से सौभाग्य ला सकते हैं। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुपस्थिति चर्चाओं में रही। जो नेता 4 दिन पहले दिग्विजय सिंह का झंडा उठाकर चल रहा था, आज अचानक गायब क्यों हो गया। दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया उसी दिन से कुछ बदले बदले से नजर आ रहे हैं जब से दिग्विजय सिंह ने सीएम कैंडिडेट के लिए कमलनाथ का नाम आगे बढ़ाया है। 

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