इन्हें मिला CM SHIVRAJ का ये खास तोहफा | MP NEWS


भोपाल। अपनी मांगों को लेकर आंगनबाडी कार्यकर्ता शनिवार को सीएम हाउस पहुंच गए हैं। जिसके चलते Cm house के सामने आंगनबाडी कार्यकर्ताओ का लगा तांता लग गया है। दरअसल ये सभी मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में हिस्सा लेने राजधानी पहुंची हैं।
वहीं अव्यवस्था के चलते कार्यकर्ताओं को अंदर जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं के हुजूम के चलते वहां उपस्थित अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं माना जा रहा था कि आज की सीएम से मुलाकात के बाद आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को बड़ा तोहफा मिल सकता है। जो आखिरकार सीएम ने बैठक कर दे भी दिया।

अंदर नहीं जाने दि जाने से बौखलाई महिलाएं...
वहीं सरकार की ओर से मिले इस बड़े गिफ्ट से पहले व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे इसे देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने महिलाओं को अंदर जाने से रोका तो वे भड़क गईं। इस दौरान Cm house के बाहर ही आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने नारे लगाने शुरू कर दिए।

आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम किसी भीख नही मांगते। अंदर नहीं जाने दिए जाने से बौखलाई महिलाओं ने भारतीय मजदूर संघ पर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा टोपीधारी को ही अन्दर जाने दिया जा रहा। बाकी को रोका जा रहा।


मुख्यमंत्री निवास के बाहर एकत्रित हुईं प्रदेशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता फूटा गुस्सा, कहा जब इंतज़ाम नही तो बुलाया क्यों हमें। कार्यकर्ताओं को बाहर बैठकर प्रवेश का इंतज़ार करना पड़ रहा है। वहीं अभी तक लगातार कार्यकर्ताओं का आना जारी है। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ के कार्यक्रम में हिस्सा लेने राजधानी पहुंची हैं।


पहले कर चुके हैं आंदोलन...
इससे पहले शाहजहांनी पार्क में मप्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच द्वारा अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जा चुका है। जिसे बाद में सीएम के हस्तक्षेप व आश्वासन पर खत्म किया गया था।

इस धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेशभर की पांच हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। संयुक्त मंच अध्यक्ष पार्वती आर्य ने बताया कि प्रदर्शन सात आंगनबाड़ी यूनियनों की ओर से किया जा गया।
उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि अन्य श्रेणी के कर्मचारियों से बढ़ कर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकार शासकीय कर्मचारी मानने के लिए तैयार नहीं है, बल्कि जीने लायक वेतन देने के लिए भी तैयार नहीं है।
वहीं इस दौरान महासचिव किशोरी वर्मा ने कहा था कि 30 से 40 वर्षों की सेवा देने के बाद जब 60 की उम्र में वह आती है तो सरकार उन्हें बिना पेंशन व अन्य किसी लाभ दिए असम्मानजनक तरीके से आंगनबाड़ी केंद्रों से बाहर कर देती है, वहीं कई शासकीय विभागों में सेवा निवृत्ति की आयु 65 वर्ष है।

Cm house के बाहर जलाई साड़ियां!
Cm house के बाहर आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के एंट्री नही देने पर नाराज कार्यकर्ताओं ने जलाई साड़ियां, कहा कार्यकर्ताओं की ड्रेस का अपमान किया गया। बुलाकर एंट्री नहीं देकर किया है अपमान।



जिस समय यह सब हो रहा था उस समय एक ओर जहां जवाहर बाल भवन के बच्चे अंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे रहे थे,वहीं कार्यकर्ता बाहर आक्रोशित होते रहे। वहीं अफसरों का कहना है कि अंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने साडियां नही जलाई हैं बल्कि भारतीय मजदूर संघ वालों ने जलाई हैं। जिन्हें इस कार्यक्रम मे नही बुलाया था।


मंच पर पहुंचे सीएम...
दोपहर करीब 12.15 बजे सीएम शिवराज सिंह मंच पर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ अर्चना चिटनीस, ललिता यादव, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री केपी सिह भी मौजूद रहे।



ये रहा खास...
अब से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 10 हजार और सहायिका को 5 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा। 62 वर्ष में सेवानिवृत्ति पर 1 लाख रुपए और 75 हजार रुपए दिए जाएंगे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बहने सब सहन कर लेती हैं लेकिन अपने भैया की बुराई नहीं सह पाती हैं। जो काम करवाने सरकार के लिये कोई नहीं मिलता वो काम सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ से करवाती है। महिला सशक्तिकरण मेरे जीवन का मिशन है। माँ बेटी की आँखों में आँसू न रहे। उनके चेहरे पर खुशी रहे और इसका जिम्मा अगर सबसे निचले में है तो वो आंगनवादी कार्यकर्ताओ पर है।
उन्होंने कहा कि आंगवाड़ी कार्यकर्ताओं को बेवजह हटाने के मामलों में रोक लगाने के लिए व्यवस्था की जा रही है। बिना जांच किए अबसे कोई भी किसी को हटा नहीं सकेगा। मैं यह नहीं चलने दूंगा। डरा डरा कर जान लेते हैं।
उन्होने कहा कि अब यात्रा पर भी कार्यकर्ताओं को सरकार की तरफ से भत्ता दिया जाएगा। अच्छा काम करने वाली कार्यकर्ताओ को दीनदयाल प्रोतसाहन पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा।वही सीएम ने कहा कि रिटायरमेंट के उम्र 60 से 62 होगी। रिटायरमेंट के समय 1 लाख मिलेंगे। मृत्यु पर 2 लाख परिवार को दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश में वर्तमान में 84465 आंगनबाड़ी और 12670 मिनी आंगनबाड़ी समेत कुल 97135 केंद्र हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में एक कार्यकर्ता व एक सहायिका हैं जबकि मिनी आंगनबाड़ी में सिर्फ कार्यकर्ता काम कर रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभी पांच हजार और सहायिकाओं को 2500 रुपए मानदेय मिलता है। वहीं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 3250 रुपए प्रतिमाह है।

ये मिला तोहफा...
- अब 62 की उम्र में रिटायर होंगी सहायिका और आंगनबाडी कार्यकर्ता।
- देश मे सबसे अधिक मानदेय 10 हजार कार्यकर्ताओं और 5 हजार सहायिकाओं को दिया जायेगा।
- मौत होने पर परिवार की बेटी, बहन को 10 अंक देकर चयन मे प्राथमिकता मिलेगी।
- अच्छा काम करने वाली को पुरस्कार दिया जायेगा।
- मौत होने पर 1 लाख व 75 हजार रुपए दिए जाएंगे।</

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