CM शिवराज की सभा में लगाए गए आरक्षण विरोधी नारे, मंच छोड़ वापस गए मुख्यमंत्री || MP NEWS


भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आरक्षण के खिलाफ एतिहासिक प्रदर्शन हुआ। शिवाजी नगर स्थित परशुराम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह मुख्य आसंदी पर स्वागत सत्कार स्वीकार कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने भाषण देना शुरू किया। जब उनका भाषण समाप्ति पर था तभी सभा में कुछ तख्तियां लहराने लगीं, जिनपर आरक्षण विरोधी नारे लिखे हुए थे। युवाओं का एक बड़ा दल मंच की तरफ बढ़ने लगा। आरक्षण विरोधी नारे गूंजने लगे। हालात यह बने कि शिवराज सिंह बीच कार्यक्रम में से उठकर चले गए। 

मुख्यमंत्री के सामने हुई आरक्षण विरोधी नारेबाजी
सोमवार की रात को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ब्राह्मण युवाओं के जबर्दस्त विरोध का सामना करना पड़ गया। प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह शिवाजी नगर स्थित परशुराम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां मुख्यमंत्री के भाषण के बाद ब्राह्मण समाज के युवाओं ने आरक्षण के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।

बीच में से ही खिसक लिए शिवराज
युवा जातिगत आधार पर आरक्षण समाप्त करने की मांग कर रहे थे। इस बीच कार्यक्रम के बीच से ही सीएम रवाना हो गए। लेकिन, मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी नारेबाजी चलती रही। बता दें कि राजधानी में सोमवार रात सीएम शिवराज सिंह के कार्यक्रम में तब हंगामे की स्थिति बन गयी, जब परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सामने युवाओं ने आरक्षण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हाथों में तख्तियां लेकर आरक्षण के खिलाफ की नारेबाजी
सीएम शिवराज सिंह मंच पर अपना संबोधन दे रहे थे। इसी बीच वहां मौजूद युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर आरक्षण के खिलाफ नारेबाजी की और तख्तियां लेकर मंच की तरफ बढ़ रहे थे। 5 मिनट से ज्यादा ये हंगामा होता रहा और सीएम शिवराज सिंह और उनके साथ मौजूद भाजपा के नेता लाचार नचर आए।

युवाओं ने समाज के नेताओं की भी नहीं सुनी
समाज के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने युवाओं की समझाने की कोशिश की, लेकिन जब युवा नहीं माने तो आखिरकार नारेबाजी से परेशान सीएम शिवराज सिंह कार्यक्रम से वापस चले गए। मुख्यमंत्री के जाने के बाद हंगामा कर रहे युवक शांत हो गए। गौरतलब है कि आरक्षण को लेकर प्रदेश में तनाव के हालात बने हुए हैं।

कोई माई का लाल भूला नहीं है वो बयान
गौरतलब है कि एक बार अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारी संगठन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आरक्षण को लेकर कहा था कि, कोई माई का लाल आरक्षण समाप्त नहीं कर सकता है। इस बात को लेकर सवर्ण वर्ग पहले से ही नाराज है, वहीं प्रदेश में फिलहाल चल रहे तनाव की स्थिति ने इस आग में घी डालने का काम किया है। 

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