CM का बड़ा ऐलान: युवाओं के लिए सरकार निकालेगी 1 लाख पदों पर भर्ती | MP NEWS


भोपाल। रिटायरमेंट की उम्र 60 से 62 वर्ष कर दिए जाने व संविदा कर्मचारियों को रेगुलर करने की घोषणा के बाद अब शिवराज सरकार युवाओं को बड़ा तोहफा देने जा रही है। इसके तहत जल्द ही प्रदेश में 1 लाख पदों पर भर्तियां की जाएंगी। प्रदेश में रिटायरमेंट आयु 62 वर्ष करने पर कर्मचारी सगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया और उनका सम्मान किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए यह बड़ी घोषणाएं भी कीं। यहां सीएम ने कहा कि जल्द ही एक लाख पदों पर भर्ती की जाएगी।

ये बोले सीएम शिवराज...
सीएम ने कहा - प्रदेश में पटवारियों के 9 हजार पदों के लिए परीक्षा हो गई है। अभी 31 हजार सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता की भर्ती के लिए अप्रैल के अंत में विज्ञप्ति जारी की जाएगी। इसके बाद 31 हजार और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

प्रदेश में 1800 डॉक्टर और 2500 एएनएम और स्टाफ अलग से, 14 हजार आरक्षक की नियुक्ति के आदेश जारी होंगे और नए 8 हजार आरक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की जाएगी।
पुलिस सब इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार ये सारे पद मिलाकर लगभग 1 लाख युवाओं की भर्ती की जाएगी। और मैं देख रहा हूं कि और कहां-कहां भर्तियां हो सकती हैं। एक तरफ रोजगार देने के लिए ये पद निकलेंगे, वहीं दूसरी तरफ साढ़े 7 लाख युवाओं को हर साल ट्रेनिंग देकर स्वरोजगार से जोड़ेंगे। संविदा की व्यवस्था अन्यायपूर्ण है। मैं शोषण की इस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए संकल्पित हूं।

लागू नहीं होगी इ-अटेंडेंस व्यवस्था
उन्होंने कहा कि 2 अप्रैल से इ—अटेंडेंस व्यवस्था लागू नहीं होगी। इससे शिक्षकों को अपमानित होना पड़ रहा था।

गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया था| दो अप्रैल से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन से शिक्षक और अध्यापकों को एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से हाजिरी लगानी थी। जिसका विरोध शिक्षक कर रहे थे।
कर्मचारियों ने सीएम को इस व्यवस्था की कमजोरियों बताई थी। जिसके बाद सीएम ने तत्काल शिक्षको के लिए शुरू होने वाली इ-अटेंडेंस व्यवस्था पर रोक लगा दी है। सोमवार से शिक्षको को एम शिक्षा मित्र के माध्यम से हाजिरी लगाना अनिवार्य सरकार ने किया था।
दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी कर्मचारियों के लिए इ-अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया था । दो अप्रैल से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन से शिक्षक और अध्यापकों को एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से हाजिरी लगाना थी। एम शिक्षा मित्र एप को डाउनलोड करने के निर्देश दिए गए थे।
प्रदेश भर में इसका विरोध किया जा रहा था। शिक्षकों का कहना था कि अन्य विभागों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है फिर शिक्षकों के ऊपर क्यों निगरानी की जा रही है। कर्मचारियों ने इ-अटेंडेंस प्रक्रिया की कमजोरियां मुख्यमंत्री चौहान को बताई हैं। जिसके बाद सीएम ने अभी इस व्यवस्था को स्थगित करने का ऐलान किया है|
यहां मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों से चर्चा करते हुए कहा रिटायरमेंट की उम्र 62 करने के बाद भी युवाओं को नए रोजगार मिलेंगे। सीएम ने कहा लम्बे समय से टीस थी कि जो लोग बिना प्रमोशन रिटायर हो जाते है उनके लिए कुछ किया जाए इसलिए यह फैसला लिया गया है।
जो रिटायर हो गए उनके लिए भी प्रमोशन के रास्ता सरकार निकालेगी। पिछली सरकारों ने कर्मचारियों को रुला-रुला कर दिया है। हमारी सरकार कर्मचारियों के लिए हर मुमकिन कार्य कर रही है। 54 कर्मचारी संगठनों के प्रतिनधि इस सम्मलेन में शामिल हुए।

युवाओं को ये मिला तोहफा...
सीएम ने कहा संविदा की व्यवस्था अन्याय पूर्ण है। मैं इस व्यवस्था को समाप्त करूंगा युवाओं की नौकरी छीन कर नहीं दी जाएगी। 60 से 62 उम्र करने में जितने पद खाली होने थे, उतने नए पदों पर भर्ती की जाएगी| नए पदों में कटौती नही की जाएगी।

युवाओं का हक़ नहीं छीनने देंगे। यहां सीएम ने एलान किया कि लगभग एक लाख पदों पर भर्ती की जाएगी। वहीं जल्द ही 31 हजार शिक्षक व्याख्यता के पदों के लिए विज्ञप्ति जारी होगी, अप्रैल के अंत तक इसकी विज्ञप्ति जारी होगी। इसके बाद फिर से 31 हजार शिक्षक की भर्ती करेंगे। इसके अलावा 14 हजार आरक्षक, 8000 नए आरक्षक, नायब तहसीलदार के पदों पर भर्ती सहित एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे| वहीं इसी साल साढे 7 लाख बच्चो को रोजगार भी दिया जाएगा।

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