बड़ी खबरः 7वें वेतनमान के साथ मोदी सरकार देने वाली है यह बड़ी सौगात | NATIONAL NEWS


भोपाल। केंद्र सरकार की तर्ज पर चलने वाली मध्यप्रदेश सरकार का फार्मूला अब केंद्र सरकार को पसंद आ रहा है। मध्यप्रदेश में हाल ही में शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र दो साल बढ़ाते हुए 62 कर दी गई। इस फैसले का केंद्र सरकार के कर्मचारियों ने भी स्वागत किया है। वहीं इस फैसले के केंद्र सरकार में भी लागू करने की सुगबुगाहट चल रही है। यदि मोदी सरकार ने यह फैसला कर दिया तो देशभर की राज्य सरकारें भी तुरंत अपने कर्मचारियों को भी दो साल का एक्सटेंशन दे देंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही मोदी सरकार भी मध्यप्रदेश सरकार की तरह अपने कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट उम्र दो साल बढ़ा सकती है। इस फैसले से देशभर में केंद्र सरकार के करीब सवा करोड़ कर्मचारियों और अधिकारियों को फायदा होगा। इन्हीं कर्मचारियों में से मध्यप्रदेश में नौकरी करने वाले करीब 75 हजार कर्मचारियों को इसका फायदा होगा।


मध्यप्रदेश का फार्मूला पसंद आया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों को मध्यप्रदेश का फार्मूला बहुत पसंद आया है। केंद्र सरकार 7वें वेतन आयोग का फायदा अपने कर्मचारियों को देने की कोशिश में लग गई है। अब केंद्र की भाजपा सरकार के सामने नया विकल्प आ गया है। मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर मोदी सरकार भी अपने शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र को दो साल बढ़ा सकती है। हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने भी शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को दो साल बढ़ा दिया है।



केंद्र बढ़ाएगा तो सभी सरकारें भी बढ़ाएंगी
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार में कई लोग इस फैसले से काफी प्रभावित हुए हैं। इसलिए आने वाले चुनाव से पहले मोदी सरकार बड़ा फैसला लेते हुए सेवानिवृत्ति में दो साल बढ़ा सकती है। इस संबंध में उच्च स्तर पर गंभीर विचार विमर्श किया जा रहा है। यदि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को भी यह सौगात दे देती है तो इस फैसले के बाद सभी राज्य सरकारें भी ऐसा ही निर्णय करेंगी। यदि केंद्र सरकार दो साल का एक्सटेंशन देगी तो यह सभी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर हो सकती है।




तो 21 हजार होगा न्यूनतम वेतन
7वें वेतनमान की सैलरी और फिटमेंट फेक्टर बढ़ाने की चर्चा अब भी जारी है। सरकार हाल ही में लोकसभा में कहा था कि मूल वेतन और फिटमेंट फेक्टर बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, जबकि कुछ सरकारी सूत्रों के अनुसार यह मामला अभी बंद नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने अपने छोटे से कर्मचारी का वेतन 7 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया है। जबकि मांग की जा रही है कि उनका वेतन 26 हजार होना चाहिए। इस पर मशक्कत जारी है, लेकिन इस पर जल्द ही कोई फैसला होने के आसार नहीं है। इधर, फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 गुना बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार के करीब 75 हजार कर्मचारी और अधिकारी मध्यप्रदेश में विभिन्न विभागों में नौकरी करते हैं। इसका फायदा जरूर इन्हें भी होगा।


यहां देखें कैलकुलेटर
7वें वेतन आयोग के लागू होते ही 47 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख पेंशनर्स के पैसों में बढ़ोत्तरी होना शुरू हो गई है। 7वें वेतन आयोग की वेबसाइट ने इस बार कर्मचारियों के लिए यह जानना और भी आसन कर दिया है कि किस ग्रेड के कर्मचारी की सैलरी कितनी बढ़ी है और उसके हाथ में कितना पैसा आएगा।


केंद्र के कर्मचारी हों या किसी भी राज्य के कर्मचारी हो, इस आसान विधि से कैलकुलेट किया जा सकता है कि कितना वेतन बढ़ा और कितना एरियर मिलेगा।




किसको कितना मिला

सबसे पहले अपना वर्तमान (6 cpc) मूल वेतन (वेतन बैंड + ग्रेड वेतन) को दर्ज करें और ग्रेड पे के साथ बैंड वेतन का चयन करें।


-आपका HRA और ट्रेवलिंग एलाउंस का चयन करें और 7वीं CPC की सिफारिशों के अनुसार शहर का चयन करे लें।
-शहर चयन के बाद कैलकुलेट करने वाले बटन को क्लिक करें। सामने आपका बढ़ा हुआ वेतन होगा। इसमें 7वें CPC का रिवाइज़्ड मूल वेतन, मैट्रिक्स स्तर, सूचकांक स्तर, HRA की संशोधित राशि, ट्रेवलिंग एलाउंस की संशोधित राशि और 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रति माह कुल संशोधित वेतन जान पाएंगे।

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