भारत बंद: मध्‍य प्रदेश में बड़ी कार्रवाई, 1 व्यक्ति की हत्या में इन्हें मिली सजा || MP NEWS


भोपाल : एससी/एसटी कानून को कमजोर करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सोमवार को आहूत भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड और चंबल जिलों में कई स्थानों पर भड़की हिंसा में सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. भिंड के मच्छंड में फायरिंग के मामले में दो पुलिसवालों के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इन दोनों पुलिसवालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया है. यहां एक व्यक्ति की मौत हुई थी. वहीं आईजी ने कहा था कि पुलिस फ़ायरिंग में किसी की मौत नहीं हुई थी.

आपको बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शांति की अपील करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान किया था. हिंसा को देखते हुए राज्य के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है, और इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई. राज्य में सर्वाधिक हिंसा ग्वालियर, मुरैना और भिंड में देखी गई.

सोमवार को ग्वालियर के कलेक्टर राहुल जैन ने जिले में तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी. उन्होंने कहा, "दो लोगों की मौत ग्वालियर शहर में और एक व्यक्ति की मौत डबरा कस्बे में आपसी संघर्ष के दौरान हुई है."

जैन से साफ किया कि तीनों मौतें आपसी संघर्ष में हुई है, जिसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि जिले में कुल 62 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है

चंबल क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) संतोष सिंह ने मुरैना और भिंड में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की. उन्होंने बताया, "मुरैना में एक और भिंड में दो व्यक्तियों की मौत हुई है, लेकिन मौत के कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है. मुरैना शहर और भिंड के पांच कस्बों में कर्फ्यू लागू है. हालात पर बराबर नजर रखी जा रही है."

पुलिस के अनुसार, ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन के हिंसक रूप अख्तियार करने के बाद तीन थाना क्षेत्रों -थाटीपुर, गोला का मंदिर और मुरार में कर्फ्यू लगा दिया गया है. इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई. इन इलाकों में बड़ी संख्या में वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की खबर है

राज्य की राजधानी भोपाल में भी बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बड़ी संख्या में आंदोलनकारी जमा हो गए. आंदोलनकारियों को हटाने में पुलिस नाकाम दिखाई दे रही. सागर में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आंदोलनकारियों ने कई जगह रेलगाड़ियों को भी रोक दिया है. मुख्यमंत्री शिवराज ने प्रदेशवासियों से अपील की थी कि वे शांति और सद्भाव बनाए रखें. अफवाहों पर ध्यान न दें. समाज के सभी वर्गो की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है. सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी सजगता से निभाएगी.

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