रीवा में CM ने की 1 लाख नौकरियों की घोषणा, GEC को बनाएंगे डीम्ड यूनिवर्सिटी || REWA NEWS


रीवा. विंध्य महोत्सव के समापन समारोह में बोलते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार इसी साल 1 लाख युवाओं को नौकरी देगी। जिसमें 50 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं को अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बेरोजगारी को लेकर चिंतित है। युवा बेरोजगार न रहें इसलिए सरकार द्वारा यह योजना बनाई गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस में अब जो भी भर्तियां होंगी उनमें 33 प्रतिशत सीटें हमारी बेटियों के लिए आरक्षित रहेगी।

डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने इस दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज को ऑटोनामस डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि अब 70 प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे करेंगे इंजीनियङ्क्षरग की पढ़ाई और उनकी फीस ये मामा भरेगा। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश का कोई भी बच्चा बिना पढ़ा-लिखा नहीं रहेगा। इसके लिए योजना बना ली गई है।

बघेली संस्कृति को संरक्षित करने का संकल्प 

इस दौरान सीएम ने कहा कि बघेली भाषा और बघेलखण्ड की संस्कृति को सरंक्षित करने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। बघेलखण्ड की रीवा राजधानी थी, इसलिए रीवा का विकास हमारे लिए सर्वोपरि है। सीएम शाम को विंध्य महोत्सव के मंच पर पहुंचे और सभी का अभिवादन करते हुए अपने संबोधन में कहा कि बघेली विंध्य की शान है। इसलिए बघेली भाषा और बघेलखण्ड की कला एवं संस्कृति को संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए योजना बनाने के साथ इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रीवा का सम्पूर्ण विकास किया जाएगा और इसमें टाईगर सफारी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

रीवा में हुआ दो हजार करोड़ का विकास
विंध्य महोत्सव के समापन अवसर पर उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री के स्वागत भाषण में कहा कि सीएम ने भोपाल से ज्यादा रीवा के विकास को बजट दिया है। उन्होंने ने कहा पांच साल के भीतर रीवा में दो हजार करोड़ का विकास हुआ। जिसमें 150 करोड़ रुपए की सुपरस्पेशलिटी दिया है। जिससे हमारे पूरे विंध्य की जनता का इलाज मिल सकेगा। मंत्री ने बाणसागर की नहरों सहित कई अन्य विकास कार्यों के साथ सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान जर्नादन मिश्र ने भी जिले की सिंचाई व्यवस्था पर चर्चा की।

बघेली प्रकोष्ठ की होगी स्थापना
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बघेली के उत्थान में न केवल संकल्प लिया बल्कि उन्होंने कहा कि बघेली के संरक्षण के लिए अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में बघेली प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी। इसकी तैयारी कर ली गई है। विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव को मुख्यमंंत्री ने स्वीकार कर लिया है। साथ ही हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश कुशवाह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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