दाह संस्कार के बाद जिंदा हो गई किशोरी, हकीकत जानकर उड़ जाएंगे होश | VINDHYA NEWS


सतना. मझगवां थाना क्षेत्र के पिंड्रा गांव से अगवा नाबालिग किशोरी को पुलिस तलाश रही थी कि इस बीच हत्या की खबर आई। पता चलते ही लड़की के परिजन शव की शिनाख्त करने रीवा के हनुमना थाना पहुंच गए। शव को उन्होंने अपनी बेटी के रूप में पहचाना और पुलिस कार्रवाई कराते हुए शव सुपुर्दगी लेकर पिण्ड्रा लौट आए। यहां कातिलों की गिरफ्तारी के लिए चक्काजाम करते हुए प्रदर्शन किया और फिर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म और फिर हत्या के इस सनसनीखेज अपराध में दोनों जिलों की पुलिस अपराधी तक पहुंचने कोई कसर नहीं छोड़ रही थी।
आइजी उमेश जोगा के निर्देश के बाद एसपी राजेश हिंगणकर ने एक स्पेशल टीम बनाकर इस अपराध की तफ्तीश में लगाया था। पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर सुराग जुटाने में लगी ही थी कि खबर मिली कि जिस लड़की के कातिलों की तलाश हो रही है, वह लड़की जिंदा है और अपने पिता के घर पहुंच गई है। यह जानते ही सभी के होश उड़ गए। पुलिस बिना देर किए लड़की को बरामद करने पहुंची। उससे पूछताछ के बाद अदालत में उसके बयान कराए और फिर पिता-चाचा के सुपुर्द कर दिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वो लड़की कौन थी जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया? उसकी हत्या किसने की है? अपनी ही बेटी को पहचानने में परिवार से चूक कैसे हो गई?

यह था मामला
सभापुर थाना क्षेत्र में रहने वाले रघु वर्मा की नाबालिग बेटी कामिनी (परिवर्तित नाम) मां के गुजरने के बाद नानी और मौसी की देखरेख में पिण्ड्रा कैलाशपुर में ही रहती थी। १६ मार्च को बैंक जाने के लिए वह घर से निकली और फिर वापस नहीं लौटी। दो दिनों तक तलाश के बाद उसकी मौसी ने १९ मार्च को थाना मझगवां में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें पुलिस ने आइपीसी की धारा ३६३ के तहत अपराध कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया था। तलाश के दौरान रीवा जिले के हनुमना थाना क्षेत्र की सूखी नहर में बालिका का शव मिलने की सूचना पाकर कामिनी की मौसी और कुछ रिश्तेदार २३ मार्च को शव की पहचान करने रीवा गए। शव को पहचानने के बाद रीवा से पिंड्रा लाया गया। वहां हनुमना थाना पुलिस ने आइपीसी की धारा ३०२ के तहत हत्या का अपराध कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। दूसरी ओर मझगवां थाना पुलिस अपहरण की जांच कर आरोपियों का पता लगाने में जुटी थी।


मौसी करती रहती थी प्रताडि़त
जब कामिनी से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि मोबाइल फोन पर बात करते देख लेने पर मौसा और मौसी ने डांटा था। इसके पहले भी मौसी किसी न किसी बात को लेकर प्रताडि़त करती थी। इसलिए मौसी का घर छोड़ वह नानी के पास झोपड़ी में रहने लगी। लेकिन फिर से डांट पडऩे पर बैंक जाने के बहाने वह घर से निकली और अपने परिचित चंदई निवासी अजय कुशवाहा की मदद से इलाहाबाद चली गई। वहां सुरक्षित माहौल में कामिनी रह रही थी। अजय की परीक्षा २२ मार्च को थी, इसलिए वह वापस लौट आया। यहां आने पर जब अजय को पता चला कि कामिनी के घर वालों ने अंतिम संस्कार कर दिया तो उसने फोन पर कामिनी को इसके बारे में बताया।


बहन से बात कर लौटी
कामिनी ने मुंबई में पति के साथ रहने वाली चचेरी बहन से बात की तो उसे घर के हाल के बारे में पता चला। यह घटनाक्रम जानने के बाद वह इलाहाबाद से वापस अपने पिता के घर पहुंच गई। उसने पुलिस पूछताछ में कहा है कि वह मौसी के पास नहीं रहना चाहती और अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। एेसे में उसने अजय का बचाव कर लिया। यह बात भी सामने आई है कि अंतिम संस्कार के बाद कामिनी के रिश्तेदार अस्थि विसर्जन करने इलाहाबाद जा रहे थे। जब उन्हें भनक लगी कि कामिनी लौट आई है तो वह भी चित्रकूट से वापस गांव लौट आए।


उठ रहे कई सवाल
कामिनी के लौटने के बाद कई सवाल उठने लगे। अगर शव कामिनी का नहीं था तो उसके रिश्तेदारों ने पहचान कैसे कर ली? आखिर वह लड़की कौन है जिसका अंतिम संस्कार कामिनी समझकर कर दिया गया? अगर शव कामिनी का नहीं था तो किस इरादे से शव को पहचाना गया? पुलिस को गलत जानकारी देकर गुमराह क्यों किया गया? इन सवालों के जवाब पाने के लिए अब मझगवां और रीवा की हनुमना थाना पुलिस कार्रवाई में जुटी है।


नए सिरे से जांच करेगी पुलिस
जिस किशोरी का शव मानकर पुलिस रिकार्ड में शिनाख्त हो चुकी थी उसके जिंदा वापस लौटने के बाद अब पुलिस नये सिरे से इस मामले की जांच करेगी। किशोरी की दस्तयाबी की सूचना मिलते ही रीवा पुलिस पशोपेश में फंस गई है। हनुमना थाना अन्तर्गत नैया डैम की सूखी नहर में गुरुवार को एक किशोरी का शव मिला था जिसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी और चेहरे को सलवार रखकर जलाने का प्रयास किया गया था। उक्त शव की पहचान अपहृत किशोरी के रूप में परिजनों ने की थी जो सोमवार की सांयकाल अपने घर जिंदा पहुंच गई। हनुमना पुलिस इस मामले की नए सिरे से जांच में जुट गई है। पुलिस ने पुन: सभी थानों के साथ संभाग के दूसरे जिलों में किशोरी का हुलिया भिजवाया है। अपहृत किशोरी के दांये आंख के समीप चोंट का निशान था जो शव की आंख में भी था। इसके अलावा उसके कपड़ों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान की थी जिस पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव उन्हें सौंप दिया था। हनुमना पुलिस अब पुन: उसी स्थान पर आकर खड़ी हो गई है जहां वह घटना दिनांक को थी।


अपहरण का अपराध कायम कर जांच की जा रही थी। संदेही तक पहुंचने के बाद लड़की को बरामद किया तो उसके बयान में यह बात आई है कि वह अपनी मर्जी से गई थी। पुलिस की जांच कार्रवाई जारी है। सड़क पर जाम लगाते हुए शव रखकर प्रदर्शन करने वालों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

राजेश हिंगणकर, एसपी

No comments

Powered by Blogger.