संविदा कर्मचारी के लिए आज की सबसे बड़ी खबर, जरूर पढिये | MP NEWS


भोपाल। मध्यप्रदेश में संविदा प्रथा को खत्म करने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। जिसके बाद अब कोई कर्मचारी संविदा पर नहीं रह जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह के काल से चली आ रही इस व्यवस्था यानि संविदा व्यवस्था को बंद कर दिया जाएगा। जिसके बाद कोई भी कर्मचारी संविदा पर नहीं रह जाएगा।
दरअसल मध्यप्रदेश में लंबे समय से संविदाकर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं। ऐसे में सीएम ने घोषणा करते हुए कहा है कि हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से कोई बतचीत नहीं की जाएगी। मैं जो हड़ताल पर नहीं हैं उनसे चर्चा कर रहा हूं। संविदा कर्मचारियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा बड़ा दुख होता है संविदा को लेकर इसलिए अब ये प्रथा ही खत्म कर दी जाएगी।

आंगनबाडी कर्मचारियों को भी मिल सकती है सौगात...
वहीं सीएम शिवराजसिंह ने ये भी कहा कि मैं 8 तारीख को आंगनबाडी कर्मचारियों से मिलने वाला हूं, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों को कोई बड़ी सौगात मिल सकती है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि इनका भी संविलियन किया जा सकता है।


राज्य सरकार के कर्मचारियों को तोहफा...
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज ने एलान करते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश में कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु 60 से बढाकर 62 करने का निर्णय सरकार ने किया है।

अभी तक स्वास्थ्य विभाग में कुछ संवर्गों और स्कूल शिक्षा विभाग में रिटायरमेंट की आयु सीमा 60 से ज्यादा थी। जबकि बाकि सभी राज्य सरकार के पदों पर रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष थी। लेकिन अब इस नई घोषणा के बाद प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के रिटायरमेंट की आयु 60 की जगह 62 वर्ष हो जाएगी।
वहीं यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ये भी कहा कि Cm बनते ही मैंने इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया। साथ ही 80 लाख हेक्टर ज़मीन में सिचाई का लक्ष्य भी बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर तक हर जगह रोड कनेक्टिविटी बनाएंगे। इसके अलावा हमारा ज़ोर सौर ऊर्जा पर भी है।

यहां उन्होंने कृषि उत्पाद एजेंसी के जरिये खेती को लाभकारी बनाने पर ज़ोर देने की बात भी कहीं। वहीं
नलजल योजना से गांव में पेयजल देने के लक्ष्य के बारे में भी बताया।


कोई एंटी इनकंबेंसी नहीं...
प्रदेश में एंटी इनकंबेंसी के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार को ले कर कोई एंटी इनकंबेंसी नहीं है।
सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में परफॉर्मेंस के आधार पर ही टिकट दिए जाएंगे। वहीं नॉन परफार्मर मंत्री विधायक के टिकट भी काटेंगे।


पुलिस कार्रवाई को बताया सही...
वहीं शुक्रवार को ही सीएम ने मध्य प्रदेश में पुलिस द्वारा मनचलों और गुंडों का जूलूस निकालने और उठक-बैठक लगवाए जाने को जायज ठहराया। उनका कहना था कि ऐसे गुंडे जो बहन बेटियों से छेड़छाड़ करते हैं उनका कोई मानवाधिकार नहीं होता।

गुंडे,बदमाशों के जुलूस पर सीएम ने कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए साथ ही ये आगे भी होती रहेगी। दरअसल 92 प्रतिशत रेप के मामले में करीबी लोग होते हैं,ऐसे में लोगों को जागरूक करने की ज़रूरत है।
दरअसल राजधानी भोपाल में पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए शुक्रवार सुबह को आयोजित 'वॉक-ए-कॉज' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिला अपराध में राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस रखती है। पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के सभी अधिकार हैं।
यहां उन्होंने मानवाधिकार के समर्थकों पर हमला बोलते हुए कहा कि गुंडों का कोई मानवाधिकार नहीं होता, कथित मानवाधिकार के पक्षधर भी इस बात को जान लें। महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, बेटियों से जगह-जगह छेड़छाड़ करें और उनका घर से निकलना मुश्किल कर दें, ऐसे गुंडों का कोई मानवाधिकार नहीं होता।
'वॉक-ए-कॉज' कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक जयदीप प्रसाद सहित बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं ने भी हिस्सा लिया।

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