राहुल गाँधी ने भी माना ये हो सकते है MP के मुख्यमंत्री | MP NEWS



मुंगावली और कोलारस में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग तेज हो गई है। कोलारस और मुंगावली दोनों सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले क्षेत्र की सीट थीं, जहां जीत हासिल कर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है। इस जीत से पार्टी में उनका कद भी बढ़ा है, अब उन्हें 2018 के राज्य विधानसभा चुनाव के लिए जल्द से जल्द मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करने की मांग उठने लगी है।
इस बीच सांसद कमलनाथ ने भी कहा है कि अगर मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में आगे किया जाता है तो मैं इस फैसले का स्वागत करुंगा। हालांकि पार्टी की परम्परा मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की नहीं है, लेकिन लम्बे समय से इसकी मांग मध्यप्रदेश में उठ रही है और ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ कई बार इसकी पैरवी भी कर चुके हैं, तीन बार से सत्ता पर काबिज शिवराज सरकार को टक्कर देने के लिए कांग्रेस मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करना जरूरी माना जा रहा है। अगर पार्टी को ऐसा करना है, तो अब ज्यादा समय नहीं है। दरअसल एक साक्षात्कार में कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने के सवाल पर कहा है कि अगर सिंधिया को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में आगे किया जाता है तो वह इसका स्वागत करेंगे। वहीं कमलनाथ ने यह भी कहा है कि यह जरूरी है कि पार्टी प्रदेश में मुख्यमंत्री कैंडिडेट की घोषणा जल्द करें, क्योंकि वहां दिसंबर में ही चुनाव होने हैं। खुद के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रहने पर कमलनाथ ने कहा कि वह इससे इंकार नहीं करते, लेकिन वह इसके लिए भूखे नहीं हैं। कमलनाथ ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। अगर ऐसा होता तो वह इसका स्वागत करेंगे। जिसके नाम पर भी घोषणा होगी, वह उसका साथ देंगे। प्रदेश में सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग लम्बे समय से चल रही है, लेकिन कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की चर्चा के बाद इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया। हालांकि कमलनाथ कई बार कह चुके हैं कि उन्हें सिंधिया को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में आगे लाने पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बावजूद अब तक पार्टी हाई कमान फैसला नहीं ले पाया है। कोलारस और मुंगावली उपचुनाव को भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनने की स्तिथि से जोड़कर देखा जा रहा था, यहां सिंधिया ने दोनों सीटों पर जीत कर अपना कब्जा बरकरार रखा है, जिसके बाद सिंधिया की स्तिथि मजबूत हो गई है और इस पूरे चुनाव में और चुनाव के बाद सिंधिया को आगे लाने की मांग जबरदस्त तरीके से कार्यकर्ताओं ने की है। अब देखना होगा पार्टी क्या फैसला लेती है।

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