रीवा की युवती ने HIGHCOURT में कहा: जिसके साथ भागी उसी से की शादी..नहीं जाउंगी घर, और कोर्ट ने भेजा यहाँ..

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाइकोर्ट में रीवा जिले की एक युवती ने कहा कि वह जिसके साथ घर से गई थी, उस युवक से उसने विवाह कर लिया है। अब वह उसी के साथ रहना चाहती है और अपने घर नहीं जाएगी। उक्त युवक उसी युवती के अपहरण के आरोप में जेल में है। जस्टिस जेके महेश्वरी की सिंगल बेंच ने युवती की वयस्क आयु को देखते हुए उसे स्वाधार गृह जबलपुर भेजने के निर्देश दिए।

यह है मामला
रीवा जिले के थाना रायपुर कल्चुरियान अंतर्गत निवासी युवती के पिता ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर कहा था कि उसकी युवा पुत्री 21 फरवरी 2018 से लापता है। २४ फरवरी तक उसे खोजने के बाद उसने पुलिस मंें शिकायत की। लेकिन, गुम इंसान कायम करने के बाद पुलिस ने लापता युवती को खोजने के कोई प्रयास नहीं किए।

कथित दादा ससुर हाजिर हुए
कोर्ट के निर्देश पर रायपुर कल्चुरियान थाना टीआई ओमेश मार्को, एसआई उदयभान सिंह व महिला आरक्षक मीरा चक्रवर्ती सहित युवती व उसके तथाकथित दादा ससुर को लेकर कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट को युवती ने बताया कि वह शरद सिंह नामक युवक के साथ गई थी। उससे ही उसने विवाह कर लिया। अब वह उसी के साथ रहना चाहती है।

जेल में है युवक
सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि युवती के पिता क ी रिपोर्ट पर शरद सिंह के खिलाफ भादंवि की धारा 366, 363 के तहत प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। उसकी जमानत अर्जी भी हाइकोर्ट खारिज कर चुका है। इस पर कोर्ट ने कहा कि सम्बंधित कोर्ट के अंतिम निर्णय तक युवती को स्वाधार गृह जबलपुर भेजा जाए। याचिकाकर्ता का पक्ष अधिवक्ता केके गौतम ने रखा।

खुद ही थाने में सरेंडर किया
युवती ने अदालत को बताया कि उसने खुद ही पुलिस थाने में सरेण्डर किया था। जिस युवक पर उसके अपहरण का आरोप है, वह अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता की पुत्री के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार युवक की जमानत अर्जी हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी है। युवती के बालिग होने और उसकी मंशा युवक के साथ रहने पर गौर करने के बाद अदालत ने उसे सुधार गृह भेजने के निर्देश देकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण कर दिया।

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