रीवा में यहाँ से आ रहे हैं अवैध हथियार? आसानी से मिल रहे कट्टा-पिस्टल बना रहें युवावर्ग को अपराधी, CM भी चिंतित || REWA NEWS


REWA . जिले में अवैध हथियारों की भरमार है। हर हांथ में कट्टे व पिस्टल मौजूद है जो सहजता से युवकों तक पहुंच रहे है। यह अवैध हथियार जिले में कानून और व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हुए है। यह अवैध हथियार कहां से आते है इसका जवाब आज तक पुलिस नहीं ढूंढ पाई है।

यूपी से आती है खेप
हासिल जानकारी के अनुसार जिले में अवैध हथियारों की तस्करी व्यापक पैमाने पर हो रही है। अपराधियों तक अवैध हथियार बड़ी सहजता से पहुंच रहे है जो इसका उपयोग वारदातों को अंजाम देने के लिए कर रहे है। जिले में सबसे अधिक हथियारों की खेप इलाहाबाद सहित यूपी के कई जिले, पन्ना जिला से आती है। यहां से हथियारों की खेप अपराधी रीवा लेकर आते है जिसको बाद में युवकों को बिक्री किया जाता है। जिले में कट्टा सात से दस हजार रुपये के बीच में बिकता है और पिस्टल दस से पच्चीस हजार रुपये में आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

इलाहाबाद से लाए थे

गढ़ पुलिस ने कुछ माह पूर्व दो युवकों को दो पिस्टल के साथ पकड़ा था। वे इलाहाबाद से यह खरीदकर लाये थे और उन्हें पनवार में 25-25 हजार में बिक्री करना था। शहर के भीतर हथियारों की अवैध बिक्री करने वाले आधा दर्जन नाम ऐसे है जिनसे पुलिस भी वाकिफ है। वे आरोपी कई बार पकड़े जा चुके है लेकिन हथियारों की तस्करी नहीं रुक पाई। जिले में वैध हथियारों से ज्यादा अवैध हथियार कानून और व्यवस्था के लिए खतरा बने हुए है। जिल में अवैध हथियारों की समस्या को छात्रों ने भी उठाया था। चकाजाम के दौरान चर्चा करने पहुंचे एसपी के समक्ष छात्रों ने अवैध हथियार आने की समस्या उठाई।


युवाओं का दांव पर लग रहा भविष्य, पुलिस को करनी होगी सख्ती
इस तरह से अवैध हथियारों की उपलब्धता युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। कॉलेज में पडऩे वाले छात्र अपराध की ओर बढ़ रहे हैं। छोटे-छोटे आपसी झगड़ों में भी घातक हथियर निकल आते हैं। यह अवैध हथियारों की सहज उपलब्धता का ही नतीजा है। जो विवाद थोड़ी समझदारी से सुलझाए जा सकते हैं, वे खून-खराबा तक पहुंच जाते हैं। जिसका खामियाजा छात्रों को अपनी जान दे कर चुकाना पड़ता हैं। वहीं दूसरी ओर कॉलेज पढऩे आने वाला छात्र आपराधी बन जाता है। यदि पुलिस सक्रियता और सख्ती दिखाए तो छात्रों को अपराध के दलदल में जाने से रोका जा सकता है।


सीएम भी जता चुके हैं चिता
जिले मेंं अवैध हथियारों के संबंध में खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चिंता जता चुके है। तीन साल पूर्व छात्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के बाद रीवा आये मुख्यमंत्री ने जिले में अवैध कट्टों पर सार्वजनिक मंच से चिंता जाहिर की थी। उसके बाद भी रीवा पुलिस नहीं चेती और न ही हथियारों की तस्करी करने वाले मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई हुई। यही कारण है कि बड़े आराम से हथियारों की खेप रीवा पहुंच रही है।


अवैध हथियारों से हुई ये हुई घटनाएं
  • विवि थाने के इटौरा बाईपास में 1 जनवरी की रात पिस्टल अड़ाकर तीन मोबाइल लूटे गये थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार उसके पास से पिस्टल व पांच जिंदा कारतूस बरामद की थी।
  • बिछिया थाने के ललपा चिरहुला कालोनी में 2 जनवरी को पत्नी पर कट्टा अड़ाकर युवक के साथ आरोपियों ने मारपीट की। 
  • चोरहटा थाना अन्तर्गत बाईपास में बाइकर्स ने युवक की कार पर चलाई गोली।
  • सोहागी थाने के कैचुहा में तीस हजार के इनामी डकैत ने वनकर्मियों पर कट्टा तानकर उन्हें खदेड़ दिया।
  • सिविल लाइन पुलिस ने 24 जनवरी को पिस्टल व कारतूस के साथ युवक को पकड़ा। 
  • समान पुलिस ने प्रधान आरक्षक के पुत्र को 8 फरवरी को कट्टा सहित किया गिरफ्तार
  • अतरैला थाने के बरदहा घाटी में 12 फरवरी को फोरव्हीलर सवार युवक पर बदमाशों ने कट्टा अड़ाकर 81 हजार की लूट। 
  • सिटी कोतवाली थाने के रतहरा में युवक 16 फरवरी को कट्टे से गोली चलने से घायल हो गया। 
  • सिटी कोतवाली थाने के धोबिया टंकी में युवक पर 27 फरवरी दिनदहाड़े बाइक से आये युवकों ने चलाई गोली
  • पनवार थाने की पुलिस पर 28 फरवरी की रात आरोपी गोली चला दी और भाग गया। दूसरी बार पुलिस ने उसे घेरा तो फिर आरोपी ने गोली चला दी।

No comments

Powered by Blogger.