GOOD NEWS : रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन का सर्वे पूरा, इन दो रूट का हुआ है सर्वेक्षण | REWA NEWS


रीवा। रीवा-मिर्जापुर रेलवे लाइन पिछले दस साल से सपना बनी हुई है। वर्ष 2004-05 में रेलवे मंत्रालय की महत्वपूर्ण योजना में शामिल इस योजना के तहत लम्बी जद्दोजहद के बाद सर्वे का काम पूरा कराया जा चुका है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो सर्वे रिपोर्ट तैयार कर रेल मंत्रालय पहुंच चुकी है। अब इसे अमली जामा पहनाने का इंतजार किया जा रहा है।


अपग्रेशन मिलते ही भूमि अधिग्रहण का काम गति पकड़ेगा। इसी के साथ अर्थवर्क का काम भी मूर्त रूप लेने लगेगा। रेल मंत्रालय ने 2004-05 के बजट में रीवा-मिर्जापुर रेलवे लाइन बिछाने के मकसद से सर्वे कराने की बात कही गई थी। इस योजना को लेकर प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड को स्थानीय लोगों द्वारा पत्र लिखा गया था। 
171 किमी का होगा रेलपथ
विभागीय सूत्रों की मानें तो महत्वपूर्ण रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन को लेकर सर्वे का काम पूरा कराया जा चुका है। लगभग 171 किलोमीटर का रेलपथ होगा, जिस पर आगामी दिनों में न केवल मालवाहक बल्कि यात्रियों के लिए भी रेलगाड़ी दौड़ेगी। इतना ही नहीं इस योजना के मूर्त रूप लेने के साथ ही मऊगंज, देवतालाब, हनुमना में व्यवसाय के नए आयाम खुलेंगे। इतना ही नहीं यात्रा भी काफी सुगम हो जाएगी। सूत्रों की मानें तो इस रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन से वाराणसी की ओर यात्रा काफी सुगम होगी साथ ही समय की भी बचत होगी।
दो रूट का हुआ है सर्वेक्षण
मिली जानकारी के मुताबिक रीवा से मिर्जापुर रेल लाइन को लेकर जारी किए गए बजट के बाद सर्वेक्षण का कार्य पिछले दिनों पूरा कराया जा चुका है। बताया जा रहा है कि रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन के लिए दो रूट का सर्वे किया गया है। दोनों ही रूट से संबंधित नक्शे इत्यादि की जानकारी रेल बोर्ड को भेजी जा चुकी है। दोनों ही रूट के संबंध में बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गहन अध्ययन करने के बाद अभियान को शुरू करने की हरी झण्डी दी जा सकती है। फिलहाल यह कह पाना मुश्किल है कि बोर्ड द्वारा सर्वे रिपोर्ट को कब तक स्वीकृति दी जाती है।
विकास की अपार संभावनाएं
रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन के अपग्रेशन के साथ ही रेल लाइन बिछाने से संबंधित आवश्यक कार्य शुरू होने की उम्मीद बताई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन से आने वाले दिनों में निश्चित तौर पर विकास की भी संभावनाएं अपार रहेंगी। जिन क्षेत्रों से रेल लाइन गुजरेगी, उसके आसपास सटे-बसे गांव व कस्बों में रोजगार के साथ-साथ कारोबार का भी विकास होगा।

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