इंदौर ने बनाए 1013 रन, इस श्रेणी में विश्व में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर

इंदौर। सारांश जैन (380 रन), अंकित दाणे (नाबाद 229 रन) की जोरदार पारियों और इनके बीच 466 रनों की भागीदारी से इंदौर ने अपना नाम कीर्तिमानों की किताब में दर्ज करा लिया। इनकी पारियों की मदद से इंदौर ने अंतर संभागीय एमवाय मेमोरियल क्रिकेट स्पर्धा के खिताबी मुकाबले के चौथे दिन 4 विकेट पर 1013 रन बनाकर दूसरी पारी घोषित की। यह विश्व में गैर प्रथम श्रेणी मैचों में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है।
इस तरह उज्जैन को जीत के लिए 1567 रनों का लक्ष्य मिला, जिसका पीछा करते हुए टीम ने दिन का खेल समाप्त होने तक 29 रनों पर 2 विकेट गंवा दिए। टीम अभी भी लक्ष्य से 1537 रन दूर है जबकि 8 विकेट शेष हैं।
होलकर स्टेडियम में इंदौर ने 3 विकेट पर 512 रनों से आगे पारी बढ़ाई। सारांश ने वन-डे अंदाज में खेलते हुए 383 गेंदों पर 380 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 23 चौके और 11 छक्के लगाए। सारांश को विकेटकीपर बल्लेबाज अजय रोहेरा ने आउट किया।
दूसरे छोर पर अंकित ने 269 गेंदों पर नाबाद 229 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 12 चौके और एकछक्का लगाया। सतीष कोराट ने 2 लिए। नीरस हो चुके मैच में उज्जैन के विकेटकीपर सहित सभी 11 खिलाड़ियों ने गेंदबाजी की।
हालांकि भले ही उज्जैन के गेंदबाजों को विकेट नहीं मिले, लेकिन पूरे समय मुस्तैदी से क्षेत्ररक्षण करते हुए उन्होंने तारीफ बटोरी। जवाब में उज्जैन की टीम ने 8 ओवर के खेल में 29 रनों पर 2 विकेट गंवा दिए। आशुतोष शर्मा नाबाद 23 के साथ सतीष कोराट नाबाद 3 रन बनाकर क्रीज पर डटे हैं। गौरव यादव और सुरेंद्र मालवीय ने 1-1 विकेट चटकाए।
120 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने से चूकी
इंदौर टीम होलकर स्टेडियम में यूं तो कई विश्व कीर्तिमान बने हैं, लेकिन इंदौर के बल्लेबाजों ने शुक्रवार को अपना नाम कीर्तिमानों की किताब में दर्ज करा दिया। दूसरी पारी में इंदौर ने 1013 रन बनाए, जो विश्व में गैर प्रथमश्रेणी मैचों का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है।
क्रिकेट के आंकड़े संग्रह करने वाली वेबसाइट क्रिकइंफो के अनुसार गैर प्रथमश्रेणी मैचों में सर्वाधिक स्कोर 1465/3 घोषित है, जो केसी गांधी इंग्लिश स्कूल ने आर्या गुरुकुल स्कूल के खिलाफ कल्याण (मुंबई) में सत्र 2015-16 में बनाया था।
इस मैच मेंप्रणव धनावडे ने 1009 रनों की नाबाद पारी खेलकर सुर्खियां बटोरी थीं। दूसरे स्थान पर 1094 रनों के साथ मेलबोर्न यूनिवर्सिटी है, जिसने मेलबोर्न में 1897-98 में एसेनडॉन के खिलाफ रिकॉर्ड स्कोर बनाया था। यदि इंदौर टीम 82 रन और बना लेती तो मेलबोर्न यूनिवर्सिटी का 120 साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ देती। जिस अंदाज में टीम खेल रही थी, उसे देखते हुए यह संभव था।

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