एसएएफ जवान की बाइक अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, मौके पर मौत | REWA NEWS


छतरपुर। रीवा- ग्वालियर नेशनल हाइवे में नौगांव की ओर से आ रहे एसएएफ के एक बाइक जवान की सड़क हादसे में बीती रात मौत हो गई। मृत जवान टीकमगढ़ जिले का निवासी था। माना जा रहा है कि बाइक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पेड़ से टकराते हुए खाई में गिरी। इससे बाइक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने से जवान ने घटना स्थल पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। लोगों को सुबह इस घटना की जानकारी लगी। राह चलते लोगों ने जब बाइक और शव को पड़ा देखा तो घटना की सूचना ओरछा रोड थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। खबर मिलते ही सीएसपी और एसएफएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार टीकमगढ़ जिले की निवाड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम गिदखनी निवासी कृपाराम प्रजापति (26) पिता सीताराम प्रजापति मध्य प्रदेश की एसएएफ की 29 वीं बटालियन में आरक्षक के पद पर २०१६ से छतरपुर के पुलिस लाइन में तैनात था। वह शनिवार को शाम किसी काम के लिए नौगांव की ओर गया था। रात में कृपाराम अपनी बाइक से नौगांव से छतरपुर आ रहा था। तभी नौगांव रोड पर गौरगायं गांव के पास सड़क हादसे का शिकार हो गया। माना जा रहा है कि घटना के बाद घायल खाई में पड़ा रहा, इस कारण अंधेरे में वहां से गुजर रहे लोगों को वह दिखाई नहीं दिया और उसने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। रविवार की सुबह करीब 7 बजे वहां से गुजर रहे लोगों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना की सूचना पर जिला अस्पताल स्थित पीएम हाउस में पहुंचे मृतक के परिजनों में कोहराम मचा रहा। पुलिस ने तीन डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराया और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पीएम होने बाद जवान का शव पुलिस वाहन टीकमगढ़ जिले के ग्रह ग्राम गिदखनी भेज दिया गया।
दो दिन बाद जाना था घर, लेकिन ले गई मौत :
एसएएफ जवान कृपाराम को होली पर छुट्टी लेकर अपने घर जाना था। लेकिन इससे पहले ही मौत उसे अपने साथ ले गई। मृतक की पत्नी शालिनी प्रजापति ने बताया कि उसके पति काफी दिनों से घर नहीं आए थे। इसलिए वह दो दिन बाद छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। उन्होंने इस बारे में बताया भी था। लेकिन क्या पता था कि घर आने से पहले ही मौत उन्हें अपने साथ ले जाएगी।
रात ९ बजे हुई थी आखरी बार बात :
मृतक की पत्नी शालिनी ने बताया कि शनिवार की रात करीब 9 बजे पति ने उसे फोन किया था। इस दौरान उसकी कृपाराम से काफी देर तक बात होती रही। हालांकि इस दौरान उन्होंने कहीं जाने की बात नहीं बताई थी। इसके बाद सुबह करीब 7-8 बजे लगातार पति को फोन करती रहीे, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। जिससे उन्हें चिंता होने लगी। कुछ देर बाद उन्हें सूचना मिली कि पति की तबीयत खराब है तो वह आनन-फानन में अपने सास-ससुर के साथ जिला अस्पताल पहुंची। लेकिन यहां आकर यह मनहूस खबर पता चली।
पिता से बात करने के बाद ही सोती थी दो वर्षीय बेटी पलक :
एसएएफ जवान कृपाराम की शादी कुछ साल पहले हुई थी। उसकी दो वर्ष की एक बेटी पलक है। जो रात में अपने पिता से हर रोज फोन पर बात करने के बाद ही सोती थी। मृतक के परिजन ने बताया कि बीती शाम भी वह अपने पिता से फोन में बात करने के बाद ही सोई थी। दो वर्ष की पलक अपनी मां व दादा दादी को रोता हुए देख कई बार रोई। लेकिन वह इस बात से अंजान ही थी कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे।
कृपाराम पर थी घर की जिम्मदारी :
मृतक कृपाराम दो भाई है उसका छोटा भाई आर्मी में है। कृपाराम घर में बड़ा था और इसलिए घर की सारी जिम्मेदारी उसके ऊपर ही थी। माता-पिता और परिवार को वही संभालता था।
इनका कहना है
यह घटना प्रथम दृष्टया सड़क दुर्घटना लग रही है। मृतक एसएएफ की २९वीं बटालियन का जवान था। हालांकि घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद घटना का सच सामने आएगा। -राकेश शंखवार, सीएसपी<

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