चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस से टिकट चाहिए तो देनी होगी इतनी रकम... || MP NEWS

विधानसभा चुनाव की तैयारी, टिकट चयन प्रक्रिया पांच से 15 मार्च तक


भोपाल। विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने के लिए टिकट चाहने वालों से कांग्रेस 50 हजार रुपए वसूलेगी। आरक्षित वर्ग के लोगों के लिए यह राशि २५ हजार रुपए होगी। इच्छुक उम्मीदवार को यह राशि चेक से आवेदन के साथ ही देना होगी। पार्टी के मौजूदा विधायकों और सांसदों को भी पार्टी फण्ड के लिए एक लाख रुपए देना होगा। तर्क दिया गया कि इससे पार्टी की खराब हो रही आर्थिक सेहत में सुधार होगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में रविवार को पदाधिकारियों की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। Click here to download Rewa Riyasat's Android App

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है कि टिकट मांगने वालों अनावश्यक भीड़ सामने नहीं आए। उन्होंने यह भी कहा, कोई जिताऊ उम्मीदवार है और उसकी स्थिति रुपए देने की नहीं है तो उसको छूट भी रहेगी। टिकट के लिए चयन प्रक्रिया पांच से १५ मार्च तक चलेगी। इसके बाद आने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

शक्ति प्रदर्शन की अनुमति होगी
टिकट मांगने वाले उम्मीदवार आमतौर पर शक्ति प्रदर्शन करते हैं। पार्टी ने एेसे शक्ति प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है। फिर भी यदि किसी के समर्थकों की अच्छी खासी संख्या है और वह शक्ति प्रदर्शन करना चाहता है तो पार्टी के कार्यक्रमों में अपने समर्थकों को ला सकता है।Click here to download Rewa Riyasat's Android App

सदन से सडक़ तक घेरेंगे सरकार को
पार्टी ने तय किया कि सरकार को विभिन्न मुद्दों पर सदन से लेकर सडक़ तक घेरा जाएगा। विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण में यदि गलत बयानी होगी तो पार्टी वहां भी तीखा विरोध करेगी। पार्टी १२ मार्च को विधानसभा का घेराव करेगी।

घर वापसी होगी, धोखेबाजों को स्थान नहीं
बैठक में यह बात भी सामने आई कि पार्टी छोड़ चुके कई लोग वापस आना चाहते हैं। इस पर तय हुआ कि उनको बिना शर्त वापस लिया जा, लेकिन पार्टी का भरोसा तोडक़र गए लोगों को किसी भी स्थिति में वापस नहीं लिया जाएगा।Click here to download Rewa Riyasat's Android App

चुनाव लडऩा है तो पद छोडें, पकड़ दिखाएं
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों, जिला पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद के अध्यक्षों और विधायकों की संयुक्त बैठक में प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा, जिन्हें चुनाव लडऩा है उन्हें संगठन का पद छोडऩा होगा। वे पूरी तैयारी के साथ क्षेत्र में काम करें। भाजपा सरकार के खिलाफ मुद्दों को उठाएं। मीडिया से मुखर रहें। बैठक में आधा दर्जन प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें किसान, कर्मचारी, भ्रष्टाचार के खिलाफ लडऩे, अजा-जजा, अल्पसंख्यकों, महिला, श्रमिकों पर अत्याचार का विरोध शामिल है।

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