चिकित्सकों को था कैंसर का डर, फेस में फिट कर दिया गुब्बारे, फिर हुआ कुछ ऐसा हाल...

चीन में एक महिला के बर्थमार्क का इलाज करने के लिए डॉक्टर्स मे अनोखा तरीका इस्तेमाल किया है। डॉक्टर्स ने चीन की 23 वर्षीय शाओ यान के चेहरे की स्कीन में 4 अंडे के आकार के गुब्बारे इंप्लांट कर दिए हैं। डॉक्टर्स को डर था कि शाओ यान को इन बर्थमार्क्स की वजह से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती थी। शाओ यान अपने बर्थमार्क्स के चलते काफी समय से दर्द में थीं। डॉक्टर्स ने शाओ की इस बीमारी की पहचान कन्जेनिटल मिलानोसिटिक नीवस के रूप में की है। 23 वर्षीय शाओ यान चीन के ग्वेजो की रहने वाली हैं। शाओ के चेहरे पर जन्म से काले रंग का मार्क था। शाओ यान को पहले इन बर्थमार्क्स से कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों ने से उन्हें इन बर्थमार्क में दर्द महसूस होने लगा। डॉक्टर्स मे जांच के दौरान पाया कि शाओ को कन्जेनिटल मिलानोसिटिक नीवस नाम की बीमारी है, जो 5 लाख लोगों में से किसी एक शख्स में पाई जाती है।

शाओ यान का इलाज चीन के पूर्वी चीन में स्थित शंघाई नाइंथ पीपुल्स हॉस्पिटल में हुआ है। डॉक्टर्स को डर था कि शाओ यान को इन बर्थ मार्क की वजह से आगे चलकर कैंसर भी हो सकता है। इसलिए डॉक्टर्स ने शाओ के चेहरे की स्कीन में अंडे के आकार के 4 गुब्बारे इंप्लांट करने का फैसला किया। अब शाओ यान का चेहरा तकरीबन अपने प्राकृतिक आकार से बदल चुका है। उनके चेहरे की स्कीन में गुब्बारे देखें जा सकते हैं।

‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक शाओ यान का कहना है कि ‘बचपन में भले मेरे चेहरे पर यह मोल था लेकिन मैं अपने दोस्तों के साथ खेलती थी, अपना बचपन इंज्वॉय करती थी और केयर फ्री थी। अब बड़ी होने के बाद महसूस हुआ की मैं बाकी लोगों से अलग हूं। इलाज के पहले महीने में मुझे बहुत दर्द हुआ क्योंकि मेरे चेहरे पर स्लाइन इंजेक्शन लगाए जाते थे। तब मुझे लगता था कि मैं अपना चेहरा दीवार पर दे मारूं।’ वहीं शाओ की मां यांग का कहना है कि वह गांववालों से इस बात की गुजारिश करती हैं कि कोई उसका मजाक न उड़ाए।

बता दें कि शाओ यान का इलाज पिछले 5-6 महीने से चल रहा है और इस साल जून में इलाज पूरा हो जाएगा। शाओ यान पहले भले ही अपने चेहरे के दर्द और आकार को लेकर परेशान रहती हो, लेकिन परिवार का सपोर्ट पाकर शाओ खुश हैं। शाओ के इलाज में 5,588 पोंड यानी 5 लाख रुपए से ज्यादा खर्च आना है। शाओ यान के दो भाई उसके इलाज के लिए फंड इकट्ठा करते हैं।

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