कभी रीवा में थें लोकायुक्त SP, अब इनके नाम से ही थरथराते हैं स्मगलर | MP NEWS

रीवा। करीब 4 साल तक रीवा और शहडोल लोकायुक्त के तेजतर्रार एसपी रहे तुषारकांत विद्यार्थी का खौफ इन दिनों नीमच जिले के स्मगलरों के बीच फैला हुआ है। वर्तमान में नीमच जिले के एसपी टीके विद्यार्थी ने महज 6 महीने में ही रिकार्ड 209 मादक तस्करों को जेल की हवा खिला दी है। इनमें से 100 से ज्यादा ऐेसे तस्कर और क्रिमिनल्स हैं जो कि पिछले 15 से 20 सालों से पुलिस रिकार्ड में फरार चल रहे हैं।CLICK HERE TO DOWNLOAD REWA RIYASAT ANDROID APP

विद्यार्थी ने नीमच जिले में 'ऑपरेशन शिकंजा' चलाकर सालों से फरार और तस्करी के धंधे में लगे हुए अपराधियों की पूरी लिंक को तोड़ने में सफलता पाई है। दरअसल देशभर में अपने अफीम और इसके उत्पादों की पैदावार की लिए पहचाने जाने वाले नीमच और मंदसौर बड़े पैमाने पर इन पदार्थों की अंतर्राज्यीय तस्करी के लिए भी बदनाम हैं। यहां से पुलिस हर कार्रवाई में औसतन 30 से 40 तस्करों को पकड़ कर उन पर कार्रवाई करती आई है लेकिन महज 6 माह के अंदर 68 केसों में 209 तस्करों और 98 फरार ड्रग डीलरों की गिरफ्तारी तेजतर्रार एसपी टीके विद्यार्थी की ही बदौलत हो पाई है। इनमें दो नाम कुख्यात तस्करों सिराजुद्दीन, निवासी गांव ठुकराई थाना बेगू राजस्थान और कंजोड़ बंजारा, निवासी गांव बांगड़ खेड़ा थाना जावद के भी हैं। ये पिछले 20 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे थे और डोडाचूरा, हेरोइन, अफीम की तस्करी के कारण पुलिस की ओर से 5-5 हजार रुपये तक के घोषित इनामी थे। CLICK HERE TO DOWNLOAD REWA RIYASAT ANDROID APP

एनडीपीएस के प्रावधानों का सख्ती से पालन

इस मामले में एसपी टीके विद्यार्थी पहले ही कह चुके हैं कि उनका उद्देश्य न केवल ड्रग्स की सप्लाई करने वाले 'कैरियर' को पकड़ना है बल्कि उसकी आड़ में इस गंदे व्यापार में लिप्त हार्डकोर अपराधियों को भी कैप्चर करना है। ऑपरेशन शिकंजा के तहत पुलिस ड्रग्स तस्करी के रैकेट से जुड़े हर बदमाश को दबोच रही है, जिसमें सप्लाई करने वाले से लेकर माल की डिलिवरी लेने वाला तक शामिल है। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। CLICK HERE TO DOWNLOAD REWA RIYASAT ANDROID APP

रीवा, शहडोल में भी की थीं ताबड़तोड़ कार्रवाई

नीमच एसपी टीके विद्यार्थी के द्वारा अपराधियों के खिलाफ की गई ऐसी कार्रवाई अकेली नहीं है। ये वही एसपी है जिन्होंने रीवा और शहडोल में लोकायुक्त में रहते हुए भ्रष्ट्राचारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी और इसीलिए कई विभागों के अफसरों के लिए परेशानी का कांटा बन गए थे। खासतौर पर पटवारियों और राजस्व अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ इनके द्वारा रिकार्ड कार्रवाईयां की गईं थीं। ऐसे ही चर्चित समय में इन्होंने दो दिनों के भीतर रीवा और शहडोल संभाग के राजस्व विभाग के तीन अफसरों को ट्रैप किया था। इसमें शहडोल के मानसनगर में महिला पटवारी को पकड़ना, एक दिन बाद शहडोल जिले के ही बनसुकली में आरआई को तीन हजार की रिश्वत लेते पकड़ना और इसके एक दिन बाद ही मऊगंज तहसीलदार नन्हेलाल वर्मा को रंगे हाथों पकड़ने की कार्रवाई काफी चर्चित रही थी। CLICK HERE TO DOWNLOAD REWA RIYASAT ANDROID APP

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