अब टाइगर सफारी में नहीं आएगा बब्बर शेर, ये है वजह | REWA NEWS


रीवा। महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव चिड़ियाघर एवं व्हाइट टाइगर सफारी में बब्बर शेर लाने के लिए सेंट्रल जू अथारिटी ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। कई महीनों से बब्बर शेर लाने के प्रयास जू प्रबंधन द्वारा किए जा रहे थे। कई चिड़ियाघरों से बात की गई परंतु किसी ने बब्बर शेर देने पर सहमति नहीं जताई। अंत में बिलासपुर का कानन पेंडारी मुकुंदपुर चिड़ियाघर को बब्बर शेर देने के लिए राजी हुआ परंतु सेंट्रल जू अथारिटी ने इसकी अनुमति नहीं दी। ऐसे में बब्बर शेर लाने पर एक बार फिर से मामला अटक गया है।

बाढ़ की तबाही और राधा की मौत बन रही कारण
बताया गया है कि कुछ दिनों पूर्व हुई सफेद शेरनी राधा की मौत एवं बाढ़ की तबाही से गिरी बाउंड्रीवाल के मद्देनजर सेंट्रल जू अथारिटी ने बब्बर शेर लाने की अनुमति जू प्रबंधन मुकुंदपुर को नहीं दी है। हालांकि अभी प्रबंधन एवं शासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द से जल्द अनुमति मिले और पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बब्बर शेर को बनाया जा सके। फिलहाल पर्यटकों के लिए बब्बर शेर देखने की लालसा अधूरी रह गई है। हालांकि चिड़ियाघर में दो सफेद शेर के अलावा दो यलो टाइगर, दो तेंदुआ, भालू, काला हिरण, चीतल, बारहसिंघा, नीलगाय जैसे जानवर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं।

10 नए बाड़े तैयार
मुकुंदपुर चिड़ियाघर में छोटे मांसाहारी जानवरों के लिए दस बाड़े बनाए गए हैं जो लगभग पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। जल्द ही इन बाड़ों में छोटे मांसाहारी जानवर को लाकर शिफ्ट किया जाएगा। बताया गया है कि जनवरी 2018 में इन नए बाड़ों में छोटे मांसाहारी जानवर चहलकदमी करते हुए नजर आएंगे। महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव चिड़ियाघर एवं टाइगर सफारी के संचालक संजय रायखेड़े ने बताया है कि छोटे जानवरों को लाने के लिए बात पूरी हो गई है। बाड़े लगभग पूरी तरह से कम्पलीट हो गए हैं। नए वर्ष में यह जानवर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन जाएंगे। 

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