बड़ी खबर : पांच किलो का नवजात, शरीर से निकला 2 किलो का ट्यूमर | REWA NEWS


रीवा। संजय गांधी अस्पताल के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों की टीम उस वक्त हैरान रह गई जब नवजात के शरीर से आधे वजन के बराबर का ट्यूमर निकला। यह केस मरीज के परिजनों में ही नहीं चिकित्सकों, नर्सों में भी कौतुहल का विषय बना रहा।
चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह की स्थिति जन्म लेने वाले करीब 40 हजार बच्चों में से एक में पायी जाती है। यह आपरेशन सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एपीएस गहरवार के मार्गदर्शन में न्यूरो सर्जन डॉ. अशोक नायक ने किया।

डॉ. नायक के मुताबिक, मनगवां के सगरा के रहने वाले दिनेश कोल के नवजात बच्चे पीयूष की पीठ के निचले हिस्से में जन्म से ही ट्यूमर था। जिससे बच्चे को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। दो माह बीस दिन के बच्चे को दिखाने के लिए परिजन आए थे। जिसका वजन ट्यूमर सहित पांच किलो था। उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी गई थी। बुधवार को मेजर ओटी में इसे अंजाम दिया गया। करीब साढ़े तीन घंटे चले ऑपरेशन में करीब दो किलो वजन का ट्यूमर निकाला गया। जिसके बाद बच्चे का वजन तीन किलो बचा है। ऑपरेशन में एनेस्थीसिया के डॉ. सुधाकर द्विवेदी, डॉ.राजीव द्विवेदी, डॉ. निधि सहित सर्जरी के डॉ. मुकुंद पांडे, डॉ. मंयक ने सहयोग किया।
परिजनों का नहीं लगा एक भी पैसा
सरकारी अस्पताल में यह सर्जरी कराने से परिजनों को एक भी पैसा नहीं खर्च करना पड़ा जबकि इसी सर्जरी में प्राइवेट अस्पताल में कम से कम 70 हजार से 1 लाख रुपए खर्च होते। डॉ. नायक ने बताया कि सर्जरी के बाद से बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है। सामान्य स्थिति में आने में एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा।
यह है जन्मजात ट्यूमर
चिकित्सकों के अनुसार, यह जन्मजात ट्यूमर है। जन्म लेने वाले करीब 40 हजार बच्चों में से एक में पाया जाता है। मेडिकल साइंस में इसे सैक्रोकॉक्सीजेल टेरेटोमा कहते हैं। पीठ की कॉक्सी बोन में ट्यूमर गर्भ मेें ही विकसित हो जाता है।<

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