REWA NEWS | तीन साल बाद भी नहीं बन पाईं जिले की 15 सड़कें, ये सड़कें हैं शामिल


रीवा | गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने सरकार की कवायद पर विभाग एवं ठेकेदार पानी फेर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दिए गए कार्य की सही मॉनीटरिंग नहीं कर सके। ऐसे में पिछले तीन वर्षों से 15 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। खास बात यह है कि ठेकेदारों द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों की राशि आहरित कर ली गई और अधूरी सड़क छोड़कर चले गए।
तीन साल बाद भी नहीं बन पाईं जिले की 15 सड़केंसूत्रों की मानें तो जिले की ऐसी 12 सड़कें हैं जिनका पैसा ठेकेदारों द्वारा आहरित कर लिया गया है परंतु उनका कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। खास बात यह है कि अधूरी सड़कों का जो निर्माण हुआ वह भी जर्जर हो गया है। अधूरी सड़कों पर अब जनप्रतिनिधियों की नजर भी जाने लगी है। यही वजह है कि  वह  लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पिछले दिनों हुई जिला पंचायत की  बैठक में जिपं के सदस्यों ने भी जमकर हंगामा मचाया था। बताया जा रहा है कि ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग से इन सड़कों का कार्य निर्धारित राशि से 35 प्रतिशत बिलो पर लिया था लेकिन लागत बढ़ने के बाद सड़कों का निर्माण बीच में ही छोड़ दिया है। विभाग ने कई ठेकेदारों का अनुबंध समाप्त कर कार्रवाई की है लेकिन अब इन सड़कों को सुधारने में और अधिक राशि खर्च हो रही है, जिसके चलते निर्माण अटक गया है।
ये सड़कें हैं शामिल
पिछले तमीन सालों में 15 सड़कों का निर्माण अटका है जिनमें देवास-क्योंटी मार्ग, मड़वा-जमुनिहा टोला, किटहा से लालपुर मार्ग, त्योंथर बायपास मार्ग का उन्नयन, मनिका-लखवार-गढ़ी मार्ग, लौर एनएच-7 आंटी भोलरा मार्ग, छिपिया-तेंदुआ वाया नदहा कला मार्ग, हरई प्रताप सिंह पहुंच मार्ग, डेल्ही से भोलगढ़ मार्ग, सिरमौर मार्ग से गर्गन टोला से तिवरियान टोला से राजगढ़, डिहिया-टीकर-शिवापुरवा मार्ग, मझियार से कंचनपुर मार्ग, कटकी-मोहरबा मार्ग, झिरिया-मुड़ियारी मार्ग, हरदुआ-रंगौली मार्ग शामिल हैं।

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